Budaun News: चार और लोगों की जिंदगी निगल गया बुखार, संख्या बढ़कर 164 हुई

उझानी के गद्दीटोला मोहल्ले में कैंप में उपचार करते चिकित्साधिकारी हरीश कुमार। संवाद
बदायूं। वजीरगंज क्षेत्र के गांव बरीपुरा में दो लोगों की बुखार से मौत हो गई। दूगों में एक महिला की बुखार ने जान ले ली। उधर, गांव दिसौलीगंज में भी एक ग्रामीण ने बुखार से दम तोड़ दिया। परिजन इन सभी की मौत डेंगू से होना बता रहे हैं। इसके साथ ही जिले में डेंगू संदिग्धों की मौत की संख्या बढ़कर 164 हो गई है। इन गांवों में और लोग भी बुखार की चपेट में हैं।
बरीपुरा निवासी बुधपाल (45) को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। परिवार के लोगो ने उनका इलाज निजी अस्पताल में कराया। हालत बिगड़ने पर बरेली रेफर किया गया। मंगलवार शाम बरेली ले जाते समय उन्होंने दम तोड़ दिया। इसी गांव में रहने वाले प्रेमपाल उर्फ ढ़पलू (53) को 10 दिन पहले बुखार आया। पहले बगरैन में निजी चिकित्सक के यहां से दवा ली। फायदा न होने पर परिजन बरेली ले गए। वहां डेंगू की पुष्टि हुई। मंगलवार दोपहर उनकी मौत हो गई।
लोगों का कहना है कि गांव में घर-घर में बुखार के मरीज हैं। इसके अलावा गांव दूगों निवासी मतीना बेगम को तीन दिन पहले बुखार आया था। जांच कराई तो उन्हें डेंगू पॉजिटिव बताया गया। मंगलवार शाम को मतीना की मौत हो गई। उनके बेटे अमन का बिसौली में इलाज चल रहा है। वह भी बुखार से पीड़ित है। सैदपुर सीएचसी में भी गांव के कई लोग भर्ती हैं। सैदपुर की महिला अनीता को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
आठ मलेरिया और छह डेंगू संक्रमित मिले
बदायूं। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की 22 टीमों ने कैंप लगाकर मरीजों की जांच की। 1006 लोगों की जांच में बुखार के 441 मरीज मिले। सात मरीजों में मलेरिया पीवी तो एक मरीज में मलेरिया पीएफ पाया गया, वहीं छह मरीज डेंगू संक्रमित मिले। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब जिले में डेंगू संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 337 हो गई है।
मौतों की जांच करने पहुंचे सीएमओ, ग्रामीणों से नोकझोंक
बदायूं। जगत ब्लाॅक के गांव आमगांव में सोमवार को डेंगू से तीन लोगों की मौत होने पर सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय टीम के साथ गांव पहुंचे। मौत के कारणों की जांच के लिए सीएमओ ने परिवार वालों से मिलने को कहा तो ग्रामीण भड़क गए। उनकी सीएमओ से नोकझोंक होने लगी। तीखी नोंकझोक के बाद सीएमओ लौट आए, जबकि टीम मरीजों का इलाज व चेकअप करती रही।
सिरसौली और अब्दुल्लागंज में 50 से अधिक बीमार
फोटो- 1
उझानी (बदायूं)। देहात क्षेत्र में भी पांव पसार चुके बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। सिरसौली और अब्दुल्लागंज में महिला और बच्चों समेत 50 से अधिक मरीज सामने आए हैं। इनमें करीब 20 मरीज बदायूं और बरेली में इलाज करा रहे हैं।
ब्लॉक क्षेत्र के गांव सिरसौली में पिछले पांच दिनों के दौरान बुखार के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा होने के बाद अधिकतर घरों में दो-तीन लोग चपेट में हैं। पूर्व प्रधान चंद्रभान की 11 वर्षीय बेटी अर्चना को दो दिन पहले बुखार आने पर बदायूं के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चंद्रभान ने बताया कि एक दर्जन से अधिक घरों में बुखार के मरीज हैं। जो भी बाहर निजी अस्पतालों में इलाज का जाता है, उसमें डेंगू के लक्षण बताकर भर्ती कर लिया जाता है।
मरीजों में राजेश्वरी पत्नी राकेश, प्रतीक्षा पुत्री प्रवेंद्र, कलावती पत्नी लाखन, संगीता पत्नी दारा सिंह, लज्जाराम, बंटी सिंह, मोरकली पत्नी हरद्वारी, जितेंद्र, जसवीर, पान कुमारी पत्नी गंगा सहाय आदि करीब 40 मरीज सामने आ चुके हैं। इसके अलावा अब्दुल्लागंज में राधेश्याम गुप्ता, उनके पुत्र संगम और शुभम, गगन मिश्रा, कल्लू, कोमल पत्नी दीपू, सर्वेश साहू पत्नी प्रमोद, वंश पुत्र राजवीर, लालू आदि का बुखार आने पर निजी अस्पतालों में इलाज कराया जा रहा है।
बुधवार दोपहर सीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. हरीश कुमार ने गद्दीटोला मोहल्ले में कैंप लगाकर बुखार के मरीजों को दवाएं वितरित कीं। कैंप में 58 मरीज आए। इनमें 12 मरीजों का ब्लड सैंपल लिया गया।

उझानी के गद्दीटोला मोहल्ले में कैंप में उपचार करते चिकित्साधिकारी हरीश कुमार। संवाद

उझानी के गद्दीटोला मोहल्ले में कैंप में उपचार करते चिकित्साधिकारी हरीश कुमार। संवाद

उझानी के गद्दीटोला मोहल्ले में कैंप में उपचार करते चिकित्साधिकारी हरीश कुमार। संवाद