Budaun News: बुजुर्ग समेत 12 और लोगों की बुखार ने ली जान

देवेंद्र गुप्ता। फाइल फोटो
बदायूं। जिले में बेकाबू हुए डेंगू से 11 और लोगों की मौत हो गई। शहर में भी एक बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। एक के बाद एक हो रही मौतों से जिले में हाहाकार मचा हुआ है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग सिर्फ कैंप लगाने को ही अपनी जिम्मेदारी समझ रहा है।
शहर के गांधी नगर निवासी मनोहर सिंह (65) को बुखार आया तो परिवार के लोगों ने उनको दवा दिला दी। शुक्रवार की दोपहर उनकी हालत बिगड़ी तो परिवार वाले उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। वजीरगंज के गांव खुरर्रमपुर भमोरी निवासी कटोरी देवी (80) को पांच दिन से बुखार आ रहा था।
बृहस्पतिवार की रात उनकी मौत हो गई। वजीरगंज कस्बा स्थित मुन्नालाल इंटर कॉलेज के प्रवक्ता हरीश चंद्र श्रीवास्तव के बेटे अंश श्रीवास्तव (11) को चार पांच दिन से बुखार आ रहा था। परिवार के लोगो ने जांच कराई तो डेंगू की पुष्टि हुई। बृहस्पतिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई।
गांव लहरा लाड़पुर निवासी देवेंद्र गुप्ता (59) वजीरंगज में परिवार के साथ रहते आ रहे थे। वह प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष के साथ प्राथमिक विद्यालय कतगांव में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत थे। उन्हें पिछले कुछ समय गले की दिक्कत हो रही थी। इसी दौरान बुखार आने के बाद हालत बिगड़ गई। सुबह चार बजे जिला अस्पताल में परिवार वाले लेकर पहुंचे जहां उनकी मौत हो गई।
बिल्सी के मोहल्ला संख्या पांच निवासी संजीव शर्मा (40) के डेंगू संक्रमित होने के बाद परिवार के लोग उनका इलाज करा रहे थे। बृहस्पतिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। उसहैत के गांव खजुरा पुख्ता निवासी रामवीर (55) को बुखार आने के बाद शुक्रवार सुबह उनकी हालत बिगड़ गई।
परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डाॅक्टर ने उनको मृत घोषित कर दिया। वहीं सलारपुर के गांव आमगांव निवासी देवेंद्र (46) की बुखार के चलते मौत हो गई । आसफपुर निवासी राघवेंद्र शर्मा की पत्नी रश्मि शर्मा को चार दिन पहले बुखार आया था। डेंगू की जांच में पुष्टि होने के बाद निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनकी मौत हो गई। कस्बा निवासी राजू मौर्या (45) भी पिछले तीन दिनों से बुखार से पीड़ित थे।
निजी पैथोलॉजी लैब में जांच कराई तो डेंगू की पुष्टि हुई। शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान राजू की भी मौत हो गई। किसरूआ निवासी विनीता देवी (65) को तीन दिन पहले ही बुखार आया था। बृहस्पतिवार को उनकी मौत हो गई। इसके अलावा दबतोरा निवासी बुख्तरी पत्नी, संग्रामपुर निवासी सलमा और मुमताज की भी शुक्रवार को मौत हो गई। परिजन तीनों की मौत बुखार से होना बता रहे हैँ।
क्षेत्र के दर्जन भर गांव डेंगू की चपेट में
बीते साल भी डेंगू की चपेट में आने से लगभग दो दर्जन लोगों की मौतें वजीरगंज कस्बे में हो गई थीं। इस साल भी दर्जनों लोग डेगू की चपेट में आकर निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। यही हाल क्षेत्र के कई ग्रामों का है, नहडोली, पिपरिया, सीकरी, कलरावाला, भूड़ बिसौली आदि ग्रामों में डेंगू से पीड़ित परिवार भगवान के सहारे इलाज में लगे हैं। ज्यादातर ग्रामों में गंदगी की भरमार है, जिनसे मच्छरों की पैदावार में इजाफा हो रहा है। इधर, गांव दिसौलीगंज और खुर्मपुर भमोरी में लगातार बुखार से मौत होने के बाद शुक्रवार को गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप लगाकर बुखार पीड़ित मरीजों की जांच की और दवा वितरित की गई।
छह मलेरिया तो आठ डेंगू के नए मरीज मिले
बदायूं। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की 21 टीमों ने कैंप लगाकर मरीजों की जांच की। 1146 जांचों में बुखार के 613 मरीज मिले। पांच मरीजों में मलेरिया पीवी तो एक मरीज में मलेरिया पीएफ पाया गया, वहीं आठ मरीज डेंगू संक्रमित मिले। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब जिले में डेंगू संक्रमित मरीजों की संख्या 357 हो गई है।

देवेंद्र गुप्ता। फाइल फोटो

देवेंद्र गुप्ता। फाइल फोटो



