Budaun News: बिल्सी में राजकीय पॉलिटेक्निक बनने से होगा तकनीकी शिक्षा का विकास

बिल्सी के खेड़ागांव में हो रहा जीटीआई का निर्माण कार्य। संवाद
बदायूं। बिल्सी क्षेत्र में राजकीय पॉलिटेक्निक बनने के बाद आसपास के विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के लिए दूर-दराज की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। करीब 21 करोड़ की लागत से बनने वाले पॉलिटेक्निक कॉलेज के लिए शासन से 15 करोड़ से अधिक की धनराशि मिल चुकी है। नया पॉलिटेक्निक खुल जाने के बाद जिले के साथ ही उन छात्रों को भी उसका लाभ मिल सकेगा, जिनका एडमिशन कम सीटें होने की वजह से नहीं हो पाता है।
जिले में शहर समेत अलापुर और सहसवान में राजकीय पॉलिटेक्निक स्थित है। इनमें 800 सीट मौजूद है। इसकी वजह से अधिकांश छात्र-छात्राओं का प्रवेश राजकीय पॉलिटेक्निक में नहीं हो पाता है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों द्वारा एक और राजकीय पॉलिटेक्निक स्थापित कराए जाने की शासन स्तर पर मांग की जा रही थी। कुछ साल पहले शासन से मंजूरी मिल जाने के बाद में प्रशासन द्वारा बिल्सी तहसील क्षेत्र के गांव खेड़ा में राजकीय पॉलिटेक्निक के लिए जमीन का चयन किया गया।
पूरा प्रस्ताव भेजे जाने के बाद शासन ने बिल्सी क्षेत्र में नया राजकीय पॉलिटेक्निक बनाने के लिए हरी झंडी दे दी और इसके भवन निर्माण के लिए 20 करोड़ 97 लाख रुपये की धनराशि मंजूर की। सरकार की ओर से निर्धारित कार्यदायी संस्था यूपी सिडको को पहली किस्त के रूप में 15 करोड़ 75 लाख रुपये की धनराशि मुक्त की। इसमें से अब तक 14 करोड़ 34 लाख रुपये की लागत भवन निर्माण में आ चुकी है।
बिल्सी तहसील क्षेत्र के गांव खेड़ा में बन रहे राजकीय पॉलिटेक्निक में कितनी ट्रेड होगी यह सरकार द्वारा निर्धारित किया जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले साल तक भवन निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो जाने के बाद इसमें प्रवेश की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। खेड़ा गांव में जहां पर जीटीआई बनाई जा रही है, उसके पास में पहाडपुर, शहबाजपुर, पुसगवां, नगला शाहबाद, सीतपुर, राम नगला, सतेती, सहजाद नगर, भतरी गोर्वधनपुर आदि गांव स्थित है। ऐसे में इन गांवों के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।
जिले में इतनी हैं सीटें
-शहर-300
-अलापुर-250
-सहसवान-250
-बिल्सी में जीटीआई निर्माणाधीन है। अभी इसको पूरा होने में करीब छह-सात माह लग जाएंगे। ऐसे में अगले साल तक बिल्डिंग निर्माण का काम पूरा हो सकेगा। इसके बाद में हैंडओवर की प्रक्रिया की जाएगी। -अमित कुमार, एई यूपी सिडको



