Budaun News: आतिशबाजी का बाजार… आबादी के पास हो रहा कारोबार

उझानी में आबदी क्षेत्र में चल रहीं पटाखों की दुकान। संवाद
उझानी। दिवाली नजदीक आते ही पटाखों का थोक कारोबार शुरू हो गया है। कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर हालांकि अग्निशमन संसाधन हैं, लेकिन पास ही आबादी होने से लोगों की जान पर खतरा मंडराने लगा है। ऐसा भी नहीं कि इन स्थानों पर पहली बार थोक केे प्रतिष्ठान खोले जाने का लाइसेंस मिला है। लाइसेंस पांच-छह साल पहले से जारी किए जाते रहे हैं, लेकिन तब इन इलाकों में आबादी नहीं थी, लेकिन अब इन इलाकों में बड़ी आबादी बसी है।
खासकर त्योहार के दिनों में पटाखों की थोक की दुकानें लगाने के लिए लाइसेंस जारी किए जाते हैं। लाइसेंस उन्हीं कारोबारियों को मिलते हैं, जो अपना प्रतिष्ठान आबादी से दूर, प्रतिष्ठान के आसपास आपात स्थिति में दमकल के पहुंचने को कम से कम छह मीटर चौड़ाई में सड़क और अग्निशमन के यंत्र रखने आदि का स्वीकृति पत्र सौंपते हैं। इसके बाद ही अग्निशमन और पुलिस विभाग के अफसर मौका मुआयना कर अपनी रिपोर्ट लगाते हैं। यहां भी थोक के कारोबारियों को लाइसेंस देने से पहले विभागीय स्तर की अभिलेखीय औपचारिकताओं को पूरा किया जा चुका है।
इसके बाद भी महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि पटाखों के थोक के प्रतिष्ठानों के एक सौ मीटर के पास आबादी पर अफसरों ने गौर नहीं किया गया। मान लिया जाए कि इन स्थानों पर पहले लाइसेंस जारी हो चुके हैं, तब की स्थिति और मौजूदा हालात पर गौर करने की जरूरत महसूस क्यों नहीं की गई। जानकार बताते हैं कि आबादी पास में होने की स्थिति में पटाखों का कारोबार करने की अनुमित प्रदान नहीं की जा सकती। अगर मामूली चूक से भी कोई हादसा हुआ तो आसपास के गृहस्वामियों को जान माल का नुकसान उठाना पड़ सकता है।
रसूलपुर में हादसे के दौरान जा चुकी है सात लोगों की जान
पटाखों से जिले में एक दशक के दौरान हादसे तो तीन-चार स्थानों पर हो चुके हैं, लेकिन सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में ककराला रोड पर रसूलपुर में वर्ष-2018 में जो हादसा हुआ, उसमें सात लोगों का जान गंवानी पड़ी थी। उस वक्त रसूलपुर के थोक कारोबारी के प्रतिष्ठान में आग लगने से धमाके हुए थे। थोक के प्रतिष्ठान में आग बुझाने के संसाधन पर्याप्त मात्रा में नहीं थे। दो दशक पहले उझानी में भी बड़ा हादसा हो चुका है। तब थोक कारोबार स्टेशन रोड बाजार में चल रहा था।
– उझानी में जिन स्थानों पर पटाखों के थोक के कारोबार का लाइसेंस जारी हुआ है, वहां खासकर त्योहार से पहले प्रतिष्ठान खुलते रहे हैं। रही बात आबादी की तो इस पर भी गौर किया जा चुका है। दुकानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। – मनोज कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक