Budaun News: जिले की पांच पालिकाओं ने किया 7.58 करोड़ का नुकसान
– कैग रिपोर्ट के मुताबिक सरकार को चूना लगाने में बिसौली नगर पालिका का सबसे ज्यादा योगदान
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिले की पांच नगर पालिकाओं ने भी सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उझानी, बिल्सी, बिसौली, ककराला और दातागंज नगर पालिकाओं ने 7,58,46,545 रुपये का चूना सरकार को लगाया है। इसमें बिसौली ने सर्वाधिक तीन करोड़ रुपये से अधिक की चपत लगाई है।
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की प्रदेश के राजस्व क्षेत्र की समीक्षा के मुताबिक अधिकतर मामले गृहकर, जलकर, ठेकों की नीलामी आदि के हैं।
वित्तीय वर्ष- 2017-18 में स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग की रिपोर्ट पर गौर करें तो नगर पालिका उझानी पर जलमूल्य 50 रुपये की बजाय 25 रुपये प्रति कनेक्शन रखकर पालिका को 14,95,800 लाख रुपये के नुकसान, ठेकाजात के रूप में 79,93,630 लाख रुपये, ठेका पार्किंग शुल्क की कम बोली से 30,30,435 लाख रुपये, अभिलेख दोहरा लेखा प्रणाली पर अनुरक्षित करने के निर्देश का पालन नहीं करने से 26,52,700 लाख रुपये, सफाईकर्मी होने के बाद भी ठेका पर नाले की सफाई कराने में 21,76,687 लाख रुपये और अब्दुल कलाम सौरपुंज योजना में 40 लाख रुपये आदि में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
इसके विपरीत पालिका कर्मियों के मुताबिक, उन दिनों आबादी के लिहाज से सफाई कर्मियो की संख्या कम थी, इसलिए ठेका पर नाले की सफाई कराई गई। सौरपुंज से पालिका की प्रकाश व्यवस्था है, शासन स्तर से उन दिनों रोक पर पार्किंग ठेका नहीं हुआ और पुराने ठेकेदार पर बकाया है। ईओ अब्दुल सबूर ने बताया कि उन्होंने रिपोर्ट नहीं देखी है। रिपोर्ट देखने के बाद ही पता लगेगा।
बिल्सी नगर पालिका परिषद में वर्ष-2017-18 में गृहकर जलकर, दुकान किराया एवं जलमूल्य की बकाया धनराशि 5,80,611 व 1,33,993, एवं 5,24,074 की वसूली न करने से पालिका को आर्थिक क्षति उठानी पड़ी। ईओ डाॅ. शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि आगामी वर्ष में बकाया अभियान को तेज किया जाएगा। इसके लिए डिमांड रजिस्टर तैयार कराकर बकायेदारों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
बिसौली में 10 प्रतिशत वृद्धि के साथ उठाए जाने थे ठेके
बिसौली नगर पालिका में सबसे ज्यादा आर्थिक नुकसान हुआ है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में विभिन्न ठेकों को गत वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ उठाया जाना था, लेकिन यह नहीं किया गया। इससे 11,60,400 रुपये की क्षति हुई। वर्ष 2008-09 से 3,29,03,612 का अप्रयुक्त अनुदान शासन को वापस नहीं किया गया। इस प्रकार शासन को 3,40,64,012 रुपये की क्षति पहुंचाई गई, जो जिले में सबसे ज्यादा है।
दातागंज और ककराला भी पीछे नहीं
दातागंज में यही आंकड़ा 1,49,77,566 रुपये तथा ककराला में 39,00,553 रुपये है। ककराला के ईओ अब्दुल सबूर ने बताया कि यह पुरानी रिपोर्ट है। ऑडिट रिपोर्ट देखकर ही बता पाएंगे।
किसने कितने कितना नुकसान पहुंचाया
बिसौली- 3,40,64,012
उझानी – 2,16,65,737
दातागंज- 1,49,77,566
ककराला – 39,00,553
बिल्सी- 12,38,677