Budaun News: बाढ़ ने किया बेघर… अब तटबंध ही ठिकाना

उसहैत के ठाकुरी नगला गांव में खट पर बैठी महिला
कादरचौक से कासगंज जाने वाले मार्ग पर भरा एक से डेढ़ फुट पानी, आवागमन में दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। बाढ़ लोगों को बेघर करने लगी है। गांवों में लगातार बढ़ रहे पानी के कारण कई गांवों के लोग तटबंधों पर अपना घर बनाने को मजबूर हो गए हैं तो कुछ पानी के बीच ही जिंदगी गुजारने पर मजबूर हैं। उसहैत क्षेत्र के गांव कमले नगला में बृहस्पतिवार को तमाम लोगों ने घर छोड़कर तटबंधों पर शरण ली। इधर, कादरचौक के करीब आधा दर्जन गांवों में पानी भरने लगा हैं। कादरचौक से गंजडुंडवारा होते हुए कासगंज को जाने वाले रोड पर एक से डेढ़ फुट तक पानी भर गया है।
गंगा में पानी बढ़ने से उसहैत, सहसवान, कादरचौक के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। सहसवान क्षेत्र के गांव खागी नगला, वीर सहाय नगला, उसहैत क्षेत्र के कमले नगला, जटा आदि को ग्रामीणों ने छोड़ना शुरू कर दिया है। नरौरा बैराज से बृहस्पतिवार को भी दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है, जिसकी वजह से कछला में गंगा का जलस्तर 162.91 मीटरगेज दर्ज किया गया।
पिछले बृहस्पतिवार की बात करें तो तब से 0.24 मीटर पानी गंगा में बढ़ा है। इसका असर गंगा किनारे बसे गांवों में साफ तौर पर देखा जा रहा है। बृहस्पतिवार को उसहैत के गांव जटा, ठाकु़री नगला, कमले नगला, कमलू नगला में पानी भर गया। कमले नगला के लोगों ने तटबंध पर शरण ली, तो वहीं जटा गांव के कुछ लोगों ने पास में ही ऊंची जगहों पर रहना शुरू कर दिया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन केवल दिखावा कर रहा है। वह लोगों की मदद नहीं कर रहा है। नाम के लिए ललोमई के प्राथमिक स्कूल में व्यवस्था की है। केवल कमरा दिया है और रहने, खाने की कोई व्यवस्था नहीं की है। कादरचौक क्षेत्र के गांव लल्सी नगला, खुडवारा, कौवा नगला, पांडे नगला, गाढि़या, गनियाई, मढैया, मुस्कारा, भूडा आदि में भी पानी भर गया है, जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इधर, सहसवान के गांव खागी नगला, वीर सहाय नगला, परशुराम नगला के भी हाल खराब है।
–
जोरी नगला तटबंध अति संवेदनशील घोषित
गंगा-महावा, उसहैत, उसावां तटबंध पहले ही अति संवेदनशील घोषित कर दिए गए थे, जबकि जोरी नगला तटबंध संवेदनशील चल रहा था। गंगा का बढ़ता जलस्तर देखकर अधिकारियों ने उसका निरीक्षण किया। वहां के हालात को देखकर जोरी नगला तटबंध को भी अति संवेदनशील घोषित कर दिया गया है। इधर कादरचौक के गांव मुस्कारा, भूड़ा में बृहस्पतिवार सुबह पानी भर गया। वहीं मढैया, तेलिया नगला, कौवा नगला गांवों में भी पानी बढ़ता जा रहा है।
–
प्रशासन से नहीं मिली कोई मदद
उसहैत। कमले नगला के लोगों को प्रशासन स्तर से मदद नहीं मिल पाने के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि गांव में कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं आया। मजबूरी में गांव के लोगों ने उसहैत तटबंध पर शरण ली है और वहां पर रहना शुरू कर दिया है। इधर ठाकुरी नगला का भी हाल बेहाल है। वहां के लाेग बिना बिजली के जीवन-यापन कर रहे हैं। गांव में प्रशासन स्तर से कोई मदद नहीं मिली है।
–
बंद हो जाएगा बदायूं- कादरचौक- कासगंज रूट
कादरचौक। कांवड यात्रा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन प्रत्येक शुक्रवार रात से रूट डायवर्ट कर देता हैं। ऐसे में बदायूं से कासगंज को जाने वाले लोगों के लिए शेखूपुर, कादरचौक होते हुए गंजडुंडवारा होते हुए कासगंज के लिए भेजा जाता हैं, लेकिन इस रूट पर एक से डेढ़ फुट तक पानी भर गया है। ऐसे में अगर पानी बढ़ा तो बदायूं से कासगंज के बीच रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाएगा। संवाद
–
ग्रामीणों ने कहा-अब तक कोई खास मदद नहीं मिली
प्रशासनिक स्तर से अब तक कोई खास मदद नहीं की गई है, जबकि अधिकारी लगातार प्रशासनिक मदद किए जाने के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं। ग्रामीण किसी तरह गुजर-बसर कर रहे हैं।
-रामू, परशुराम नगला
–
पानी बढ़ने से गांव के हालात लगातार बदलते जा रहे है। पानी भरने से दिक्कत हो रही है, अधिकतर लोगों ने गांव छोड़ दिया हैं, तटबंध पर रहना शुरू कर दिया। वहां पर कोई मदद नहीं मिल पा रही है।
-वीरेंद्र कुमार, परशुराम नगला
–
बृहस्पतिवार को बैराजों से छोड़ा गया पानी
-नरौरा से 205253 क्यूसेक
-बिजनौर से 128415 क्यूसेक
-हरिद्वार से 93252 क्यूसेक
–
– गंगा का खतरे का निशान-162 मीटरगेज पर
– गंगा बह रही 162.91 मीटरगेज पर

उसहैत के ठाकुरी नगला गांव में खट पर बैठी महिला

उसहैत के ठाकुरी नगला गांव में खट पर बैठी महिला

उसहैत के ठाकुरी नगला गांव में खट पर बैठी महिला

उसहैत के ठाकुरी नगला गांव में खट पर बैठी महिला