Budaun News: कछला में गंगाघाट पर उमड़ा आस्था का सैलाब

कछला से जल भरकर लाते कांवड़िये।
कछला में गंगाघाट पर उमड़ा आस्था का सैलाब
चौथे पड़ाव की ओर बढ़े भोले के भक्त, हाईवे पर बरेली, शाहजहांपुर और पीलीभीत के कलाकारों की धूम
संवाद न्यूज एजेंसी
उझानी/ कछला। सावन महीना में उमड़े रहे आस्था के सैलाब से मंगलवार को भी कछला गंगाघाट सरोबार रहा। अपने चौथे पड़ाव की ओर निकल पड़े कांवड़ियों में बरेली, शाहजहांपुर और पीलीभीत की टोलियां नजर आईं। हाईवे पर भोले के भजनों पर थिरक कर कलाकार धूम मचा रहे हैं।
कछला गंगघाट पर आस्था की डुबकी लगाने के बाद शिव मंदिरों की ओर निकलने से पहले कांवड़ियों ने पूजन किया। मंत्रोच्चार के बीच कांवड़ उठाई गई। मंगलवार सुबह से ही गंगाघाट से कांवड़ यात्रा शुरू करने वाली अधिकतर टोलियां बरेली और पीलीभीत जिले की थीं। शाहजहांपुर जिले के कलान और मिर्जापुर के कांवड़ियों ने भी हाईवे के रास्ते भगवान भोलेनाथ का गुणगान किया। टोलियों के साथ निजी वाहन पर कलाकारों ने जमकर नृत्य किया। कांवड़िये भी उनके साथ थिरकते नजर आए।
बता दें कि अगला सोमवार सावन महीना का चौथा पड़ाव होगा। इसके लिए शुक्रवार शाम से शिवभक्तों की संख्या में इजाफा होने की उत्मीद है। बदायूं जिले में कस्बों और ग्रामीण इलाकों के शिवभक्तों की टोलियों के रविवार दोपहर से चलने का अनुमान है। इसके मद्देनजर पुलिस और प्रशासन की ओर से इंतजामों को फिर से दुरुस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पीलीभीत के शिवभक्तों ने बनाई खाटू नरेश की झांकी
कछला। कांवड़ यात्रा के दौरान मंगलवार सुबह आधा दर्जन से अधिक टोलियों ने कांवड़ भी मनमोहक अंदाज में सजाई। पीलीभीत निवासी शिवभक्त कुनाल, रक्षित, सौरभ और उमेश खाटू नरेश श्री श्याम बाबा के भी प्रेमी हैं। उन्होंने कांवड़ यात्रा शुरू करने से पहले घाट पर श्याम बाबा की झांकी बनाई। झांकी के साथ डाक कांवड़ यात्रा पर निकले भक्तों ने शिव के साथ श्याम बाबा का भी गुणगान किया।
पैर फिसलने पर गंगा में बहने से बचा कांवड़िया
– गंगाघाट पर मंगलवार तड़के बरेली के प्रेमनगर क्षेत्र के कांवड़ियों की टोली के शिवभक्त आस्था की डुबकी लगाने लगे। इसी दौरान प्रदीप नामक कांवड़िया का घाट पर पैर फिसल गया। उसके साथ मौजूद कांवड़ियों ने प्रदीप का हाथ पकड़ लिया। इसके बाद उसे बाहर खींच लिया गया। प्रदीप के सकुशल होने पर टोली के कांवड़ियों ने राहत की सांस ली।

कछला से जल भरकर लाते कांवड़िये।

कछला से जल भरकर लाते कांवड़िये।