Budaun News: दिनभर छायी रही धुंध, अगले हफ्ते 45 के पार पहुंचेगा पारा

डायरिया से पीड़ित बच्चों को अस्पताल में लाए उनके परिजन। संवाद
गर्म हवा के साथ लू की लपटों से लोग दिखे परेशान, सड़कों पर पसरा रहा सन्नाटा
– जिला अस्पताल में डायरिया से पीड़ित 60 बच्चों को दी गई दवा
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। मंगलवार को पूरे दिन धुंध छाई रही। ऐसा लग रहा था कि आंधी आ सकती है, लेकिन आई नहीं। तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रहने से लोग गर्मी और उमस से परेशान दिखे। अभी तापमान और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। गर्मी के चलते डायरिया के मरीज भी बढ़ रहे हैं। सबसे ज्यादा छोटे बच्चे डायरिया की चपेट में आ रहे हैं।
बीते तीन चार दिन से तापमान लगातार बढ़ रहा है। तेज धूप के साथ लू चलने की वजह से गर्मी लोगों को व्याकुल कर रही है। मंगलवार को तो पूरे दिन आंधी जैसा मौसम रहा। आसमान में पीली धुंध छाई रही। गर्म हवा के साथ लू की लपटों से लोग परेशान दिखे। दोपहर के समय गर्मी ज्यादा बढ़ने की वजह से सड़कों पर भी सन्नाटा पसरा रहा।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 29.8 डिग्री रहा। शाम के समय सूरज ढलने के बाद गर्मी से कुछ राहत महसूस की गई। शाम के बाद ही लोग जरूरी कार्य के लिए घरों से बाहर निकले। तेज धूप के साथ चल रही लू की वजह से डायरिया के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। मंगलवार को अस्पताल में आने वाले मरीजों में ज्यादातर बच्चे दिखाई दिए। लोगों के अनुसार, गर्मी के बढ़ने पर उन्हें उल्टी दस्त की शिकायत हो रही है। महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप वार्ष्णेय के अनुसार, मंगलवार को 150 बच्चों की ओपीडी रही, जिसमें 60 बच्चे डायरिया के थे। सामान्य दिनों में इनकी संख्या 15 से 20 रहती है।
इधर, मौसम विज्ञानी आलोक सागर गौतम के अनुसार, अब आने वाले समय में गर्मी से निजात मिलने की उम्मीद नहीं है। चिलचिलाती धूप लोगों को परेशान करती रहेगी। इस सप्ताह में पारा 45 डिग्री रहने का अनुमान है, लेकिन अगले सप्ताह से यह 45 को भी पार कर जाएगा।
ये हैं डायरिया के लक्षण
– बिल्कुल पानी जैसे दस्त
– पेट में ऐंठन और दर्द
– उल्टी के साथ बुखार
– डिहाइड्रेशन
– भूख में कमी
ऐसे करें डायरिया से बचाव
– घर के बने शुद्ध भोजन का ही उपयोग करें।
– भोजन में हरी सब्जियों का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें।
– ताजा फल खाएं।
– शरीर में पानी की कमी न होने दें, इसलिए उबला हुआ पानी ज्यादा से ज्यादा पीएं।
– ठेलों पर चाट, पकौड़ी, समोसे का सेवन करने से बचें।
– बच्चों को बाहर का दूध एक बार पिलाने के बाद बचे हुए दूध को किसी अन्य खाद्य पदार्थ में उपयोग करें।
– ताजा खाना खाएं, रखे हुए खाने से परहेज करें।
– बच्चों को साफ-सफाई से रखें, उनको हल्के कपड़े पहनाएं।
– डायरिया के लक्षण दिखाई देने पर नींबू, पानी और चीनी का घोल बनाकर पीएं, चावल के मांड़ का सेवन करें यह शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है। इसके अलावा दाल का पानी पीएं, उल्टी, दस्त ज्यादा होने पर चिकित्सक को दिखाएं।
( जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशयन डॉ. राजीव गुप्ता के अनुसार)

डायरिया से पीड़ित बच्चों को अस्पताल में लाए उनके परिजन। संवाद

डायरिया से पीड़ित बच्चों को अस्पताल में लाए उनके परिजन। संवाद