Budaun News: खटारा बसों से छुटकारा फिलहाल मुश्किल

रोडवेज बस में सीटों का हाल। संवाद
रोडवेज डिपो में शामिल 106 बसों में से ज्यादातर हैं खस्ताहाल, कैबिनेट के फैसले से कुछ ही नई बसें मिलने की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। यहां के रोडवेज डिपो में शामिल 106 बसों में से ज्यादातर की हालत खराब है। शुक्रवार को प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने एक हजार नई बसें खरीदने का फैसला लिया, मगर इस फैसले से बदायूं को बहुत ज्यादा लाभ मिलना मुश्किल ही होगा। कारण यह है कि इन एक हजार बसों में से ज्यादातर लंबी दूरी वाले रास्तों के लिए दी जाएंगी या धार्मिक स्थल वाले जिलों के लिए।
कुछ राहत मिलने के बावजूद यात्रियों को जाड़ों में टूटे हुए शीशों वाली बसों में ही सफर करना होगा तो टूटी हुई सीटों पर ही बैठना होगा। इन बसों के वाइपर भी सलामत नहीं हैं। जिससे हादसा होने का भी डर रहता है। परिवहन निगम के पास वैसे तो 106 सरकारी के अलावा 43 अनुबंधित बसें भी हैं, लेकिन उनकी हालत भी बेहद खराब है।
रोडवेज बसों की कई साल से ढंग से मरम्मत तक नहीं हुई है। एक पुर्जा खराब होता है तो उसे बदलकर बस को चालू कर दिया जाता है। फिर दूसरी बार मरम्मत कराने की भी जरूरत नहीं समझी जाती। कई बसों को तो पुराने घिसे-पिटे टायरों पर ही दौड़ाया जा रहा है। वे रास्ते में कब पंक्चर हो जाएं, यह किसी को नहीं पता। इतना ही नहीं कुछ बसें तो काला धुआं तक छोड़ रहीं हैं। तमाम शिकायतों के बावजूद इनकी मरम्मत तक नहीं कराई जा रही।
यहां बता दें कि छह माह में करीब 20-22 बसें खटारा घोषित हो चुकी है तो कई इस लाइन में हैं। बताया जा रहा है कि जिन बसों को खटारा घोषित किया गया था, उनके स्थान पर नई बसें मिलनी थी लेकिन सिर्फ 11 बसें ही मिलीं।
बसों से गायब हैं प्राथमिक चिकित्सा का इंतजाम
नियम के अनुसार सभी बसों में प्राथमिक चिकित्सा की दवाइयों व अन्य चीजों का बॉक्स होना अनिवार्य है। इसके बावजूद अधिकतर बसों में बॉक्स नहीं है। ऐसे में जरूरत पड़ने पर किसी व्यक्ति को प्राथमिक चिकित्सा नहीं मिल पाती।
मंडल मुख्यालय को मिल रहीं 76 बसें
अक्तूबर में परिवहन निगम के मंडलीय मुख्यालय पर 76 नई बसें मिलने की उम्मीद है। वहां बसों के आने के बाद ही बदायूं को नई बसें मिल पाएंगी। हालांकि अभी इस संबंध में एआरएम धणेंद्र कुमार चौबे को कोई जानकारी नहीं है।
पिछले दिनों ही बसों के वाइपर बदलवाने के साथ सीटें ठीक कराई गईं थीं। अगर किसी बस की शिकायत आती है तो उसकी मरम्मत करा दी जाती है। फिर भी बसों को दिखवाएंगे। उनकी मरम्मत कराई जाएगी। – धणेंद्र कुमार चौबे, एआरएम परिवहन निगम

रोडवेज बस में सीटों का हाल। संवाद

रोडवेज बस में सीटों का हाल। संवाद

रोडवेज बस में सीटों का हाल। संवाद