Budaun News: सर्दी-जुकाम के इलाज तक सीमित रह गए सरकारी अस्पताल

सीएचसी दबतोरी। संवाद
बदायूं। जिला अस्पताल से लेकर जिले की सीएचसी-पीएचसी तक सरकार की मंशा के अनुरूप मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। सीएचसी और पीएचसी पर केवल प्राथमिक उपचार देने के बाद जिला अस्पताल रेफर करना चलन बन गया है। वहीं जिला अस्पताल में सर्दी, जुकाम, पेट दर्द के अलावा कोई इलाज नहीं मिल पा रहा। यही नहीं यहां से भी मरीजों को हायर सेंटर रेफर कर पल्ला झाड़ लिया जा रहा है।
सीएचसी सैदपुर पर महिला डॉक्टर के अभाव में एएनएम से डिलीवरी कराने का काम कराया जा रहा है। डिलीवरी के दौरान यदि प्रसूता की हालत बिगड़ जाती है तो एएनएम और मौजूद स्टाफ उसे जिला महिला चिकित्सालय के लिए रेफर करके अपने कर्तव्य से इति श्री कर लेता है।
इसी के चलते कतगांव निवासी एक महिला की छह माह पहले प्रसव के दौरान मौत हो गई थी। वहीं बरीपुरा निवासी गर्भवती सोनम को सोमवार को महिला अस्पताल रेफर किया गया।
वजीरगंज में सीएचसी के नए भवन का निर्माण तो कराया गया लेकिन यहां न तो स्टाफ की तैनाती की गई है न ही कोई उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। यहां की व्यवस्था रामभरोसे है। वहीं सहसवान सीएचसी का भी यही हाल है तो दबतोरी सीएचसी की हालत भी खस्ता है। यहां डिलीवरी कागजों में चल रही है।
कई बार सीएमओ ने जांच कराने का भरोसा भी दिया लेकिन आज तक न तो जांच हो सकी न ही व्यवस्थाओं में सुधार हो सका।
इस संबंध में जानकारी नहीं है। अगर इस तरह की व्यवस्थाएं हैं तो इन जगहों पर खुद जाकर चेक करूंगा। अव्यवस्था मिलने पर संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी कराई जाएगी। – डॉ. अब्दुल सलाम, प्रभारी सीएमओ, बदायूं