Budaun News: सुसाइड नोट फाड़ दूंगा, और जेल में सड़ा दूंगा
बदायूं। जरीफनगर के सेवानिवृत्त दरोगा की आत्महत्या मामले में परिवार वालों ने दर्ज कराई गई एफआईआर में अपनी पीढ़ा बयां की है। इसमें उन्होंने पुलिस के उत्पीड़न का जिक्र किया है। बताया कि घटना के दो दिन बाद इंस्पेक्टर ने रिटायर्ड दरोगा की बेटी को धमकाया था। कहा था कि जो सुसाइड नोट मिला है, वह पढ़कर फाड़ दूंंगा, तो क्या कर लेगी। किसी अधिकारी से मिलने की कोशिश भी तो उसकी विवेचना तो मैं ही करूंगा और तुझे जेल में सड़ा दूंगा।
सेवानिवृत्त दरोगा जयप्रकाश भारद्वाज ने 15 अगस्त को अपने मां शारदा देवी इंटर कॉलेज पड़रिया में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। वह काफी समय से वहीं एक कमरे में रहते थे। उस दिन स्वतंत्रता दिवस पर कॉलेज में सांस्कृतिक हो रहे थे। तभी लोगों ने दरोगा के एक कमरे से गोली चलने की आवाज सुनी। मौके पर उनका एक सुसाइड नोट भी पड़ा मिला था।
इसमें उन्होंने अपनी मौत का जिम्मेदार बेटे मयंक भारद्वाज को माना था। तब जयप्रकाश की बेटी रूपांजलि ने पुलिस को तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने मामले में कोई दिलचस्पी नहीं ली। एक माह बाद 21 सितंबर को पुलिस ने एसएसपी के आदेश पर एफआईआर दर्ज की। दरोगा की पत्नी मीना भारद्वाज की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में उनके बेटे मयंक भारद्वाज, प्रधानाचार्य अखिलेश शंखधार, ब्रजेश और कुलदीप शर्मा को नामजद कराया गया है।
मीना भारद्वाज ने रिपोर्ट में बताया कि 17 अगस्त को एसडीएम, सीओ और इंस्पेक्टर उनके विद्यालय में आए थे। तब उन्होंने सार्वजनिक रूप से सुसाइड नोट पढ़कर सुनाया था। इंस्पेक्टर उनकी बेटी रूपांजलि को एक कोने में ले गए और वहां उसे धमकाया।
सेवानिवृत्त दरोगा के मामले में तहरीर के अनुसार एफआईआर दर्ज कर ली गई है, लेकिन इंस्पेक्टर पर लगे आरोपाें के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी होगा, उसके अनुसार कार्रवाई होगी। – श्याम नारायण, सीओ सहसवान