Budaun News: पानी समझकर मासूम ने पी लिया रसायन, मौत
उझानी कोतवाली क्षेत्र में ननिहाल में आया था मासूम गोलू
संवाद न्यूज एजेंसी
बिल्सी। उझानी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में पांच वर्षीय मासूम ने पीने के पानी के धोखे में रासायनिक पदार्थ पी लिया। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। आनन-फानन में परिजन उसको बिल्सी के एक निजी चिकित्सक के यहां ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सहसवान तहसील क्षेत्र के गांव करियामई निवासी कमलेश कुमार का पांच वर्षीय पुत्र गोलू कुछ दिन पहले अपनी ननिहाल कछला क्षेत्र में आया था। शुक्रवार को दोपहर करीब दो बजे परिवार के लोग बातें कर रहे थे। इसी दौरान गोलू को प्यास लगी तो वह अपने मामा देवेंद्र के कमरे में गया। यहां एक पारदर्शी बोतल में कोई रासायनिक पदार्थ रखा था, जिसे उसने पानी समझकर पी लिया। मासूम अपने परिजनों को कुछ बता पाता इससे पहले ही उसकी हालत बिगड़ने लगी। उसके मुंह से झाग निकलने लगे। कुछ ही देर में उसके सिर में तेज दर्द होने लगा। परिजन आनन-फानन में उसको बिल्सी के निजी चिकित्सक के यहां लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन रोते-बिलखते उसके शव को घर ले गए। कुछ लोग इस पदार्थ को हाइड्रोजन परॉक्साइड बता रहे हैं।
घर में क्यों रखा था हाइड्रोजन परॉक्साइड
देवेंद्र के घर में रखा रासायनिक पदार्थ हाइड्रोजन परॉक्साइड था या कुछ और, यह तो स्पष्ट नहीं हुआ है लेकिन पड़ोस के लोग उसे हाइड्रोजन परॉक्साइड ही बता रहे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि देवेंद्र दूध बेचने का कार्य करता है। दूध को सुरक्षित रखने के लिए रासायनिक पदार्थों का प्रयोग करते हैं। उसी रासायनिक पदार्थ को मासूम ने पानी समझकर पी लिया। हालांकि परिजन कुछ भी कहने से इंकार कर रहे हैं।
ज्यादा मात्रा में हाइड्रोजन परॉक्साइड से हो सकती है मौत
जिला महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप वार्ष्णेय का कहना है कि सिंथेटिक दूध तैयार करने में भी कुछ रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें हाइड्रोजन परॉक्साइड भी शामिल है। कोई बच्चा अगर अधिक मात्रा में इसे पी ले तो उसको गैस की समस्या के साथ ही सिर में दर्द, सांस लेने में दिक्कत होने के साथ ही उसकी मौत भी हो सकती है। ऐसे में इस तरह के पदार्थों को बच्चों की पहुंच से काफी दूर रखना चाहिए।
इस तरह का मामला संज्ञान में नहीं आया है। दूध को सुरक्षित रखने में हाइड्रोजन परॉक्साइड का उपयोग नहीं किया जाता है। फिलहाल मामले की जांच कराई जाएगी।
– चंद्रशेखर मिश्र, जिला अभिहीत अधिकारी/ उपायुक्त खाद्य