Budaun News: जिले में हो रही खाद की कालाबाजारी, जांच में खुली पोल


खाद की दुकान पर छापेमारी करते एसडीएम।स्रोत-प्रशासन
बदायूं। खाद के एक-एक कट्टे के लिए किसान मारे घूम रहे हैं। उनकी इस मजबूरी का दुकानदार जमकर फायदा उठा रहे हैं। कहीं पर महंगे दामों पर डीएपी और यूरिया बेची जा रही है तो कहीं पॉस मशीन के डाटा और भौतिक निरीक्षण के ब्योरे में अंतर मिल रहा है। शुक्रवार को जब डीएम ने सभी एसडीएम के माध्यम से दुकानों की जांच कराई तो जिले में खाद की कालाबाजारी की पोल खुल गई। अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट डीएम को भेजी है। अब घपला करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीएम मनोज कुमार के निर्देश पर जिलेभर में एसडीएम और कृषि विभाग के अधिकारियों ने दुकानों का औचक निरीक्षण किया। एसडीएम बिसौली कल्पना जायसवाल ने प्रकाश खाद भंडार का निरीक्षण किया। इसमें पॉस मशीन और स्थलीय जांच में कट्टों में अंतर था। साथ ही कीटनाशक भी एक्सपायरी तिथि की बेची जा रही थी। जगदंबे खाद भंडार पर पॉस मशीन के सापेक्ष भौतिक सत्यापन में काफी भिन्नता थी। फर्म स्वामी ने अवलोकन के लिए स्टॉक रजिस्टर नहीं दिया। यहां पर भी वैधता समाप्त हो चुकी कीटनाशक दवाओं की बिक्री हो रही थी।
डीएस इंटर प्राइजेज पर पॉस मशीन खराब मिली, जबकि यूरिया के 204 कट्टे मौजूद मिले। यहां पर भी वैधता समाप्त हो चुकीं कीटनाशक दवाओं की बिक्री हो रही थी। पनौड़ी साधन सहकारी समिति पर पॉस मशीन के अनुसार यूरिया के 442 और डीएपी के आठ कट्टे होने चाहिए थे, जबकि मौके पर यूरिया के 462 और डीएपी शून्य थी। इस घपले के बारे में समिति सचिव कोई संतोष जनक जवाब नहीं दे सके।
दातागंज के एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने चेकिंग के दौरान पाया कि हजरतपुर में बालाजी खाद भंडार के संचालक अनूप, मां वैष्णो के धर्मेंद्र यादव, रोहित गुप्ता ट्रेडर्स के रोहित, मां पूर्णागिरि बीज भंडार के श्यामू और बालाजी ट्रेडर्स के संचालक रिंकू डीएपी और यूरिया निर्धारित रेट से ज्यादा कीमत पर बेच रहे हैं। ऐसे में इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए कृषि विभाग को निर्देशित किया गया है।