Budaun News: कादरचौक पुलिस ने छोड़े जेसीबी व ट्रैक्टर चालक
टेंपो और ट्रैक्टर की टक्कर में नेम सिंह की मौत का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
कादरचौक (बदायूं)। पांच दिन पहले टेंपो और ट्रैक्टर की टक्कर में हुई नेम सिंह की मौत के मामले में अब तक पुलिस यह पता नहीं लगा पाई है कि आखिर उसका शव दो सौ मीटर दूर झाड़ियों में किसने फेंका था और टेंपो की नंबर प्लेट किसने खोली थी। पुलिस ने पूछताछ के बाद जेसीबी और ट्रैक्टर चालक को छोड़ दिया है। अब पुलिस को टेंपो चालक पर शव फेंकने का शक है।
थाना क्षेत्र में निजामाबाद-बिचौला के बीच 12 अगस्त की रात बालू लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली और टेंपो की टक्कर में गांव लभारी निवासी नेम सिंह की मौत हो गई थी। वह सिमरा निवासी अपने दोस्त हाकिम के टेंपो में सवार होकर छोटे भाई नेमपाल को लेने शेखूपुर जा रहा था।
ट्रैक्टर-ट्रॉली को उसका चालक लेकर भाग गया था लेकिन नजदीक में अवैध खनन कर रही जेसीबी के चालक ने थाने पहुंचकर पुलिस को इसकी सूचना दी थी। सबसे पहले उसने ही पुलिस को गुमराह किया था। उसने बताया था कि हादसे में दो लोग घायल हो गए हैं। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। जब पुलिस ने दोनों घायलों की खोजबीन कराई तो वह किसी अस्पताल में भर्ती नहीं निकले। अगले दिन सुबह पुलिस ने सख्ती की तो जेसीबी चालक ने बताया कि दोनों की मौत हो गई।
इससे पुलिस उनके शव खोजने में लग गई। जहां घटनास्थल बताया गया था, उससे करीब दो सौ मीटर दूर झाड़ियों में नेम सिंह का शव पड़ा मिला था। टेंपो की नंबर प्लेट नहीं थी। उसका चालक हाकिम अपनी बुआ के घर शेखूपुरा में मिला था। उसके सिर में चोट थी। इससे उसे जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था।
थाना पुलिस ट्रैक्टर चालक को भी थाने में बैठाकर दो-तीन दिन तक पूछताछ की लेकिन वह पुलिस को गुमराह करते रहे। बाद में पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया लेकिन अभी यह पता नहीं चला है कि नेम सिंह का शव झाड़ियों में किसने फेंका था और नंबर प्लेट किसने खोली थी।
पुलिस को शक है कि शायद टेंपो चालक ने यह सब किया है। अभी पुलिस उससे पूछताछ नहीं कर पाई है। उसे अस्पताल से लाकर पूछताछ करने की तैयारी चल रही है। एसओ वेदपाल सिंह ने बताया कि दोनों चालकों से कुछ पता नहीं चला है। इससे उन्हें छोड़ दिया गया है। इसमें टेंपो चालक से और पूछताछ की जाएगी।