Budaun News: हथेलियों पर सजाई सजना के नाम की मेहंदी

ज्योतिषाचार्य राजेश कुमार शर्मा।
हरियाली तीज आज : कॉस्मेटिक, चूड़ी की दुकानों पर रही भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। शनिवार को हरियाली तीज हर्षोल्लास से मनाई जाएगी। एक दिन पहले शुक्रवार को महिलाएं इसकी तैयारी में खासा व्यस्त दिखाई दीं। कॉस्मेटिक और चूड़ी विक्रेताओं के यहां खासी भीड़ रही तो मेहंदी लगवाने की भी महिलाओं में होड़ दिखाई दी।
हरियाली तीज पर सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखती हैं और भगवान शंकर व माता पार्वती की पूजा करती हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मां पार्वती ने भगवान शंकर को अपने पति के रूप में प्राप्त करने के लिए 108 जन्मों तक कठोर तप किया था। इसके बाद भगवान शिव ने माता पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार किया था।
ऐसा भी कहा जाता है कि हरियाली तीज के दिन अर्थात श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर ऐसा हुआ था। इस दिन हरे रंग का विशेष महत्व होता है, इसलिए इस दिन हरी साड़ी के साथ हरी चूड़ियां भी पहनने का प्रचलन है। ऐसे में शुक्रवार को हरी चूड़ी, बिंदी आदि ज्यादा बिकीं।
पुराना बाजार, बड़ा बाजार, टिकटगंज आदि जगहों पर कॉस्मेटिक तथा चूड़ियों की दुकानों पर महिलाओं की खासी भीड़ रही। चूनामंडी तथा स्टेशन रोड पर महिलाओं ने हथेलियों पर मेहंदी भी सजवाई। मेहंदी लगाने वालों ने डिजाइन के हिसाब से सौ से लेकर पांच सौ रुपये तक लिए।
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हरियाली तीज पर शुभ योग का संयोग
ज्योतिषाचार्य राजेश कुमार शर्मा के अनुसार, हरियाली तीज पर शनिवार सुबह से लेकर रात 09:19 तक सिद्ध योग रहेगा। इसके बाद साध्य योग बनेगा, जो कि अगले दिन सुबह तक रहेगा। वहीं रवि योग शनिवार देर रात 01:47 मिनट से शुरू होगा और अगले दिन रविवार को सुबह 05:53 पर खत्म होगा। उन्होंने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हरियाली तीज की पूजा के लिए तीन शुभ मुहूर्त के योग बन रहे हैं। इस दिन सुबह 07:30 बजे से 09:08 मिनट तक पूजा कर सकते हैं। इसके बाद दोपहर 12:25 बजे से शाम 05:19 बजे तक शुभ मुहूर्त में पूजा की जा सकती है।
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ऐसे करें पूजा
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि हरियाली तीज के दिन साफ-सफाई करके घर को तोरण और मंडप से सजाएं। एक चौकी पर मिट्टी में गंगाजल मिलाकर शिवलिंग, श्री गणेश, मां पार्वती और उनकी सखियों की प्रतिमा का निर्माण करें। सुहाग की समस्त सामग्री को एक थाली में एकत्र करें और माता पार्वती को अर्पित करें। इसके बाद भगवान शंकर को वस्त्र अर्पण करें। अंत में हरियाली तीज की कथा सुननी या पढ़ें। उन्होंने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि शुक्रवार रात 08:01 बजे से शुरू हुई है जो शनिवार रात 10:19 बजे समाप्त होगी।

ज्योतिषाचार्य राजेश कुमार शर्मा।

ज्योतिषाचार्य राजेश कुमार शर्मा।