Budaun News: जागरूकता का अभाव… झोलाछाप का इलाज ले रहा मरीजों की जान

बिल्सी के नैथुआ गांव में लगे शिविर में मरीजों की जांच करती टीम। संवाद
बदायूं। इन दिनों जिले में मच्छरजनित बीमारियां घर-घर फैली हुई हैं। डेंगू, मलेरिया का सबसे ज्यादा प्रकोप है। लोगों की मौतें हो रही हैं। अब तक 50 से अधिक लोगों की जान जा चुकी हैं। विशेषज्ञ इसके पीछे ग्रामीण इलाकों में सेहत के प्रति जागरूकता का अभाव, सही जगह उपचार न कराने और झोलाछापों के चक्कर में पड़ने को कारण गिना रहे हैं।
इन दिनों मौसम भी बदल रहा है। कभी तेज धूप, कभी उमसभरी गर्मी तो कभी बारिश हो रही है। इससे संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसकी वजह से राजकीय मेडिकल कॉलेज, सरकारी अस्पतालों से लेकर प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की भरमार है। मरीजों में अधिकतर बुखार, डेंगू और मलेरिया से ग्रसित हैं। डॉक्टरों के अनुसार डेंगू और मलेरिया खतरनाक बीमारी नहीं है। अगर समय रहते पैरासिटामोल और एंटीबायोटिक दवाएं लेते रहे तो चार से पांच दिन में बीमार व्यक्ति स्वस्थ हो सकता है।
हालांकि इसमें खास बात यह है कि खाने-पीने पर पूरा ध्यान दिया जाए। इसमें लापरवाही नहीं होनी चाहिए, लेकिन झोलाछाप के चक्कर में पड़कर लोग अकाल ही मौत के गाल में समा रहे हैं। झोलाछाप अधिक पैसे कमाने के चक्कर में ओवरडोज दवाएं दे देते हैं। इससे मरीज की सेहत सुधरने के बजाय और बिगड़ती चली जाती है।
इन दिनों डेंगू-मलेरिया के केस सामने आ रहे हैं। दोनों बीमारियों में ही प्लेटलेट्स कम होने लगती हैं। डेंगू में 10,000 से नीचे प्लेटलेट्स जाने पर जान जाने का खतरा रहता है। इससे अधिक होने पर मरीज को बचाया जा सकता है, लेकिन यह जरूरी है कि वह सही से इलाज कराएं। किसी भी झोलाछाप के चक्कर में न पड़ें। डेंगू में सात से 10 दिन में व्यक्ति सही हो जाता है। -डॉ. अंलकार सिंह, फिजिशियन
डेंगू, मलेरिया ये वायरल बुखार हैं। इसमें खान-पान का विशेष ध्यान रखा जाए। बुखार से ग्रसित व्यक्ति को भरपूर मात्रा में पानी पिलाया जाए। साथ ही चिकित्सक की सलाह पर पैरासिटामोल और एंटीबायोटिक दवाएं लें। इससे व्यक्ति तीन से चार दिन में सही होने लगेगा। दिक्कत तब आती है जब किसी मरीज को ओवरडोज ट्रीटमेंट, बोतल (ड्रिप) चढ़वाई गई हो। -डॉ. अरुण यादव, वरिष्ठ फिजीशियन
डेंगू के सात, मलेरिया के आठ मरीज मिले
बदायूं। सोमवार को 13 गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। इनमें 808 मरीजों की जांच की गई। इस दौरान 336 मरीज बुखार से पीड़ित मिले। इसमें दातागंज के कनकपुर मलेरिया पीवी के तीन, सैदपुर के पेपल में मलेरिया पीवी का एक मरीज मिला। वहीं, वेलनेस सेंटर पर मलेरिया पीवी के चार मरीज मिले थे। बिल्सी के नैथुआ में लगे शिविर में 216 लोगों की जांच की गई। इसमें 62 लोगों को बुखार पाया गया। 53 लोगों की डेंगू की जांच में चार लोग पॉजिटिव मिले। इसी गांव के दो और सैदपुर के पेपल में एक मरीज की प्राइवेट लैब में हुई जांच में डेंगू की पुष्टि हुई।
प्रारंभिक जांच में 15 मरीज डेंगू पॉजिटिव
सैदपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने गांव पेपल शिविर लगाया। इसमें 145 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें 15 मरीज प्रारंभिक जांच में डेंगू पॉजिटिव पाए गए। डेंगू की पुष्टि के लिए एलाइजा सैंपल जिला मुख्यालय भेजा गया है। संवाद

बिल्सी के नैथुआ गांव में लगे शिविर में मरीजों की जांच करती टीम। संवाद

बिल्सी के नैथुआ गांव में लगे शिविर में मरीजों की जांच करती टीम। संवाद

बिल्सी के नैथुआ गांव में लगे शिविर में मरीजों की जांच करती टीम। संवाद


