Budaun News: श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में हुए कई धार्मिक कार्यक्रम

बिल्सी के जैन मंदिर में पूजा-अर्चना करते जैन समाज के लोग। संवाद
बिल्सी। श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में शुक्रवार को जैन धर्म के 12वें तीर्थंकर भगवान वासुपूज्य का गर्भ कल्याणक व 13वें तीर्थंकर भगवान विमलनाथ स्वामी का मोक्ष कल्याणक धूमधाम से मनाया। जैन समाज के लोगों ने भगवान जिनेंद्र स्वामी का मंगल जलाभिषेक कर शांतिधारा की। उसके बाद सभी भक्तों द्वारा पूजा-अर्चना के साथ अर्घ्य समर्पित किया गया।
समाज के प्रभारी अध्यक्ष मृगांक जैन ने बताया कि जैन दर्शन की 24 तीर्थंकरों की परंपरा में तीर्थंकर भगवान वासुपूज्य ने अहिंसा, अपरिग्रह का संदेश दिया हैं। आपको दुख देने नहीं, बल्कि आपका दुख लेने वाला सच्चा मित्र है। पछताने से अच्छा है संभल जाना। जो लोग रोते हैं वह व्यर्थ में अपना समय खोते हैं। गुरुजन हमें अच्छी सीख पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
श्री दिगंबर जैन महासमिति के मंडलाध्यक्ष प्रशांत जैन ने कहा कि 12वें तीर्थंकर को मोक्ष पधारे हुए जब बहुत काल व्यतीत हो चुका था, तब माघ शुक्ल तृतीया के दिन विमलनाथ का जन्म हुआ। कंपिलपुर के राजा क्रतवर्मा एवं उनकी महारानी श्यामादेवी को प्रभु के जनक-जननी होने का परम-सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस मौके पर पूनम जैन, शालिनी जैन, निर्भय जैन, नीरज जैन, अमित जैन, निखिल जैन, सोनिल जैन आदि मौजूद रहीं।