Pilibhit News: नालों को छोड़ा… लाखों के बजट पर लगाई झाड़ू

शहर में ब्रह्मचारी घाट के पास हो रही सफाई। संवाद
हर साल सफाई पर खर्च दिखाए लाखों रुपये, नालों की हालत बद से बदतर
टनकपुर हाईवे पर सालों से चोक पड़ी हैं पुलिया और नाले, मिट्टी और कूड़ा करकट से ही पटे नजर आ रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। शहरवासियों को बारिश में जलभराव की समस्या न झेलनी पड़े इसलिए नगर पालिका हर साल लाखों रुपये का ठेका नालों की तलीझाड़ सफाई के लिए देती है मगर यह सफाई सिर्फ कागजों में हो रही है। शहर में 9 मुख्य और 25 छोट-बड़े नाले हैं। ठेकेदार सिर्फ मुख्य नालों की सफाई कराकर बाकी नालों को उनके हाल पर छोड़ देते हैं। कई ऐसे भी नाले हैं, जिनकी सफाई हर साल कागजों में हो रही है।
टनकपुर हाईवे पर मिट गया नाले का स्वरूप
टनकपुर हाईवे पर जिला टीबी अस्पताल के सामने तो नाले का स्वरूप ही बदल गया है। यहां पुलियां पाटकर बंद कर दी गई है। इस कारण अस्पताल और गन्ना विभाग के दफ्तर में पानी भर जाता है। नाले को देखकर लग रहा, इसमें कभी पानी ही नहीं आता है।
पानी निकास बंद, सड़क किनारे हो रहा जलभराव
संजय रायल पार्क के सामने खाद्य डिपो के पास पुलिया बनी हुई है। यहां सड़क के दोनों और जलभराव हो गया है। इसे देखकर लगता है कि सफाई अभियान की आंच यहां तक कभी नहीं आ सकी है। शहर के अंदर ही अभियान को चलाकर समाप्त कर दिया गया है।
बारिश से पहले शहर के सभी नालों की तलीझाड़ सफाई कराई जा रही है। खुद मौके पर जाकर देखा जा रहा है कि सफाई किस तरह हो रही है। काम में लापरवाही नहीं होने दी जाएगी। यह समस्या प्रमुख थी और प्राथमिकता में थी। – डॉ. आस्था अग्रवाल, पालिकाध्यक्ष

शहर में ब्रह्मचारी घाट के पास हो रही सफाई। संवाद

शहर में ब्रह्मचारी घाट के पास हो रही सफाई। संवाद