Budaun News: तय रेट पर यूरिया लेने के लिए साथ में खरीदनी पड़ रही दवा
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिले की कई सरकारी समितियों पर यूरिया अभी उपलब्ध नहीं है। इसको फायदा निजी दुकानदार उठा रहे हैं। वे किसानों को यूरिया के साथ में दवाएं भी पकड़ा रहे हैं। दवा नहीं लेने पर दुकानदार यूरिया को तय कीमत से अधिक पर बेच रहे हैं।
धान की फसल में इस समय यूरिया की जरूरत ज्यादा पड़ती है। ऐसे में किसान सहकारी समितियों, इफको, एंग्री जंक्शन पर यूरिया लेने के लिए पहुंच रहे हैं। अधिकतर किसान सहकारी समितियों से यूरिया लेना पंसद करते हैं, क्योंकि वह गांव या उसके आसपास होती है। यहां पर निर्धारित रेट पर यूरिया उपलब्ध आसानी से हो जाती है। मौजूदा समय में जिले में 132 सहकारी समितियों में से 100 ही सक्रिय है। उनमें से अधिकतर समितियों पर यूरिया उपलब्ध नहीं है। इस कारण किसान मजबूरी में बाजार से यूरिया खरीद रहे हैं। वहां दुकानदार यूरिया के कट्टे के साथ में दवाएं भी दे रहे हैं। अगर कोई किसान दवा लेने से मना करता है, तो उसे कट्टा मौजूदा कीमत से महंगे दामों पर दिया जाता है। कई बार ताे दुकानदार यूरिया न होने की भी बात कहने लगते हैं।
290 में बेच रहे 266.50 रुपये वाला कट्टा
अलापुर। यहां के दुकानदार 266.50 रुपये वाला कट्टा 290 रुपये में बेच रहे हैं। दो दिन पहले ज्यादा डिमांड के कारण यूरिया का कट्टा 320 रुपये प्रति कट्टा बेचा गया। अलापुर के जवाहर सिंह, मुन्ना लाल, राम भरोसे ने बताया कि दुकानदार किसानों की मजबूरी के हिसाब से खाद के रेट कम या ज्यादा करते हैं।
प्रिंट रेट से ज्यादा ले वसूल रहे कीमत
सहसवान। तहसील क्षेत्र में प्राइवेट खाद की दुकानों पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध है, लेकिन यहां पर प्रिंट रेट से अधिक में यूरिया बेची जा रही है। अगर दुकानदार से किसान यूरिया के साथ दवा की खरीदारी करता है तो उसे एक कट्टा 270 रुपये के हिसाब से दिया जाता है। दवाएं न लेने पर कट्टा 290 रुपये मेें दिया जाता है।
दुकान पर दो-तीन कट्टा, गोदाम भरे
सैदपुर। दुकानदार दवा के साथ 325 रुपये में यूरिया का कट्टा बेच रहे हैं। दुकानदारों ने आसपास अपने गोदाम बना रखे हैं। दुकान में मात्र दो से तीन कट्टे ही रखते हैं, बाकी गोदामों में रखते हैं। जो किसान दवा लेने से मना करता है उसे खाद नहीं होने का तर्क देकर लौटा देते हैं।
समिति में नहीं, दुकानों में भरपूर
वजीरगंज। नगर में यूरिया काफी मात्रा में उपलब्ध है, लेकिन यह यूरिया अधिकांश प्राइवेट दुकानों पर मौजूद है। दरअसल, प्राइवेट दुकान पर दवा के साथ यूरिया का कट्टा 300 रुपये का मिल रहा है। मजबूरी में किसानों को यूरिया का कट्टा महंगे दामों पर खरीदना मजबूरी बन गई है।
-जिले में खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। सभी दुकानदारों को चेतावनी दी है कि खाद के साथ किसी भी चीज को नहीं दिया जाएगा। जबकि किसान अपनी मर्जी संबंधित चीज की खरीदारी न करें। किसी दुकान से शिकायत आती हे, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अभी कोई शिकायत ओवररेट की नहीं आयी है। -डीके सिंह, जिला कृषि अधिकारी