Budaun News: युवक के कपड़े उतरवाकर पटे से पीटने वाला चौकी प्रभारी निलंबित
– पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद एसएसपी ने दिए थे जांच के आदेश
– सीओ बिसौली ने प्रथम दृष्टया दोषी पाया, एसपी सिटी करेंगे विभागीय जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। वजीरगंज पुलिस चौकी में युवक के कपड़े उतरवाकर पटे से पीटने वाले वहां के प्रभारी दरोगा सुशील कुमार बिश्नोई को एसएसपी ने निलंबित कर दिया है। पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद एसएसपी ने सीओ बिसौली को पूरे प्रकरण की जांच सौंपी थी। इसमें दोषी पाए जाने पर निलंबन कार्रवाई करते हुए विभागीय जांच एसपी सिटी एके श्रीवास्तव को सौंपी गई है।
सोमवार को वायरल हुए वीडियो में दिख रहा था कि चौकी के अंदर दरोगा युवक को बेरहमी से पीट रहा है। इसके बाद भी चौकी प्रभारी का गुस्सा शांत न हुआ तो उसने युवक की पैंट उतरवाई। युवक बचाने की गुहार लगाता रहा, लेकिन चौकी प्रभारी दबंगई की हदें पार करते हुए उसे पीटता रहा। यह वीडियो किसी ने ट्वीट किया तो पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। हालांकि कुछ देर बाद इस ट्वीट को हटवा दिया गया।
प्रारंभिक जांच में सीओ बिसौली पवन कुमार ने स्पष्ट किया कि वीडियो बगरैन चौकी का ही है और पीटने वाला चौकी प्रभारी सुशील कुमार है। जांच में पीड़ित युवक के बयान भी शामिल किए गए हैं। एसएसपी ओपी सिंह ने बताया कि मंगलवार को जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दरोगा को निलंबित कर दिया गया। वहीं एसपी सिटी ने विभागीय जांच शुरू करते हुए पीड़ित को बयान देने के लिए बुलाया है।
पीड़ित की फरियाद तक नहीं सुनी थी
बगरैन चौकी क्षेत्र के गांव सिसैया निवासी युवक पिंटू अपने भाई से विवाद होने के बाद शिकायत चौकी गया था। वहां कोई पुलिसकर्मी बैठा नहीं दिखा तो चौकी प्रभारी के सरकारी आवास पर पहुंच गया और उन्हें आवाज लगा दी। उस वक्त चौकी प्रभारी सो रहे थे। आवाज से जागे चौकी प्रभारी बाहर निकले और पिंटू की बात सुनने के बजाय उसे पटे से पीटने लगे। वह गिड़गिड़ाता रहा कि उसकी बात तो सुन ली जाए, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ।
अखिलेश यादव ने कसा तंज- अच्छा हुआ, थार या बुलडोजर नहीं था दरोगा के हाथ में
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को घटना का वीडियो ट्वीट कर लिखा- यूपी पुलिस के कार्यवाहक डीजीपी के अकार्यवाहक दरोगा ने अपने आराम में खलल पड़ने पर फरियादी जनता पर ही अपनी बेल्ट से हिंसक प्रतिक्रिया दी। अच्छा हुआ दरोगा के पास बेल्ट है, थार या बुलडोज़र नहीं, नहीं तो…।