Budaun News: श्रीमद्भागवत सुनने मात्र से लोग हो जाते हैं भयमुक्त
बिसौली। अग्रवाल धर्मशाला में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रीमद्भागवत के अवतरण की कथा सुनाई गई। कथा व्यास राघवेंद्र आचार्य ने कहा कि जब तमाम पुराणों को लिखने के बाद भी वेदव्यास को आत्म शांति नहीं मिली, तो उन्होंने ब्रह्मर्षि नारद को अपनी अशांति बताई। नारद जी ने श्रीमद्भागवत की रचना का आदेश दिया। उन्होंंने कहा श्रीमद्भागवत कथा सुनने मात्र से लोग भयमुक्त हो जाते हैं।
कथा व्यास ने कहा कि शिव के अवतार स्वरूप शुकदेव ने राजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत सुनाई, तो वह भयमुक्त और मोह मुक्त हो गए। संसार को त्याग करने वाले शुकदेव को श्रीमद्भागवत कथा ही उनके पिता वेदव्यास के पास खींच लाई। शुकदेव ने एक वर्ष तक श्रीमद्भागवत का मंथन किया। कथा का रसपान करने वालों में कृष्णकांत अग्रवाल, विष्णुकांत अग्रवाल, अमित गुप्ता, प्रमोद यादव, विपिन अग्रवाल, प्रवीन शर्मा, सुधीर शर्मा आदि शामिल रहे। संवाद


