Budaun News: रेलवे ने छतुइया फाटक से अतिक्रमण हटवाया, जेसीबी से दो खोखे पलटे

उझानी में छतुइया रेल फाटक के पास कार्रवाई की चपेट में आया खोखा। संवाद
लोको पायलट की शिकायत पर सेक्शन इंजीनियर और आरपीएफ ने की कार्रवाई
– अल्टीमेटम के दो घंटे के दौरान तीन लोगों ने खुद ही हटाया अतिक्रमण
– सेक्शन इंजीनियर बोले- अतिक्रमण के कारण नहीं दिख पा रहा था रेल ट्रैक
संवाद न्यूज एजेंसी
उझानी (बदायूं)। लोको पायलट की शिकायत पर सक्रिय हुए रेलवे के सेक्शन इंजीनियर (कार्य) और आरपीएफ ने छतुइया रेल फाटक को अतिक्रमण मुक्त करा दिया। आरपीएफ के अल्टीमेटम पर तीन खोखों को उनके मालिकों ने खुद ही समेट लिया। दो खोखे नहीं हटाए गए तो जेसीबी से उन्हें पलट दिया गया। इसे लेकर फाटक पर काफी देर तक अफरातफरी का माहौल रहा।
सेक्शन इंजीनियर (कार्य) जाकिर हुसैन और आरपीएफ के निरीक्षक राजवीर सिंह के नेतृत्व में बरेली-मथुरा हाईवे स्थित छतुइया रेल फाटक के दोनों ओर इलाके को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई शनिवार पूर्वाह्न में शुरू हुई। फाटक के पास पांच लोगों ने खोखानुमा दुकानें खोल रखीं थीं, जहां चाय-नाश्ते के अलावा फास्ट फूड का सामान भी मिलता था। आरपीएफ ने कार्रवाई से पहले अतिक्रमणकारियों को दो घंटे में सामान समेटकर ले जाने का अल्टीमेटम दिया। अल्टीमेटम पर सुमित, मुकेश गुप्ता और मनोज शर्मा ने अपने खोखे खुद ही हटा लिए।
दीपक और पप्पू ने खोखे नहीं हटाए तो दोनों के खोखे जेसीबी से पलट दिए गए। रेल कर्मियों और आरपीएफ के जाने के बाद खोखा मालिक उसके भीतर रखा अपना सामान निकाल ले गए।
सेक्शन इंजीनियर ने बताया कि ट्रेन के एक लोको पायलट ने पिछले दिनों रेलवे लाइन के पास अतिक्रमण से आगे देखने में दिक्कत बताते हुए शिकायत की थी। इसके बाद ही कार्रवाई अमल में लाई गई है।
प्लेटफार्म पर अधिवक्ता समेत बुजुर्ग मां की जान पर बन आई
श्रीनारायणगंज मोहल्ला निवासी अधिवक्ता नवीन कुमार और उनकी बुजुर्ग मां समेत दो भतीजे शुक्रवार रात करीब 11 बजे प्लेटफार्म नंबर- दो पर बरेली-कासगंज फास्ट पैसेंजर ट्रेन से उतरे। प्लेटफार्म नंबर-दो पर कोई सुविधा न होने की वजह से उनकी बुजुर्ग मां को उतरने में दिक्कत हुई। चूंकि प्लेटफार्म नंबर-एक और दो के बीच नाली भी है, सो वह बेटे के साथ नाली में फंस गईं। उसी दौरान कासगंज से बरेली जाने वाली ट्रेन, जो पहले से ही प्लेटफार्म नंबर-एक पर खड़ी थी, चल पड़ी। सभी हादसे का शिकार होने से बच गए। अधिवक्ता ने प्लेटफार्म पर अव्यवस्था बताकर इसकी शिकायत रेल मंत्रालय समेत विभागीय अफसरों से की है। इसे लेकर स्टेशन अधीक्षक विपिन कुमार ने बताया कि कौन सी ट्रेन किस प्लेटफार्म पर रुकेगी, यह कंट्रोलर के स्तर से तय किया जाता है।


