बदायूं

Budaun News: सगे भाई ने सुपारी देकर कराई थी रक्षपाल की हत्या

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फैजगंज बेहटा के रक्षपाल की 24 सितंबर की रात गोली मारकर कर दी गई थी हत्या

जमीन हड़पना चाहता था सगा भाई महेंद्र, दुश्मनों को फंसाने के लिए कराया नामजद

संवाद न्यूज एजेंसी

बदायूं। फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के दिव्यांग किसान रक्षपाल की हत्या कराने वाला कोई और नहीं बल्कि उसका सगा भाई निकला। उसने जमीन हड़पने और दुश्मनों को फंसाने के लिए सुपारी देकर रक्षपाल की हत्या कराई थी। पुलिस ने सगे भाई समेत चार हत्यारोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि गोली मारने वाले शूटर ने मुरादाबाद न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। एफआईआर दर्ज कराने वाले भतीजे को थाना पुलिस तलाश कर रही है।

बृहस्पतिवार को एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने दिव्यांग किसान रक्षपाल की हत्या के मामले का खुलासा कर दिया। उन्होंने बताया कि 24 सितंबर की रात ग्राम किशनपुर में रक्षपाल (65) की सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस संबंध में रक्षपाल के सगे भतीजे जितेंद्र पुत्र महेंद्र ने अपने ही गांव के चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।

थाना पुलिस हत्या के मामले के खुलासे में जुट गई। विवेचना के दौरान पुलिस को कई सुराग मिले, तो वहीं छानबीन में सामने आया कि दिव्यांग किसान का सगा भाई महेंद्र ही उसकी जमीन हड़पने की कोशिश में था।

ऐसे में उसने भाई की चार बीघा जमीन हड़पने और अपने दुश्मनों को फंसाने लिए अपने बेटे जितेंद्र, सुखपाल, रामनिवास और रिश्तेदार मुरादाबाद के बिलारी थाना क्षेत्र के गांव नगला जस्सू निवासी भानुप्रताप पुत्र रामेश्वर के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। इसके लिए संभल जिले के थाना हजरतनगर गढ़ी के गांव भारतल गदापुर निवासी शूटर अखिलेश को 50 हजार रुपये की सुपारी दी।

एसएसपी ने बताया कि सबसे पहले भानुप्रताप को गिरफ्तार किया गया। उसने पूछताछ में सब कुछ उगल दिया। उसके बताने के बाद मृतक के सगे भाई और भतीजों को गिरफ्तार कर लिया गया। बृहस्पतिवार को चार आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक शूटर अखिलेश ने मुरादाबाद कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। अब पुलिस भतीजे जितेंद्र को तलाश कर रही है। एसएसपी ने हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को दस हजार रुपये का इनाम दिया है।

यह लोग किए गए थे नामजद

रक्षपाल हत्याकांड में उसके भतीजे जितेंद्र ने अपने गांव के बाबूराम, कपूरी सिंह, नन्हे पुत्रगण विद्याराम और विनेश पुत्र दरियाब सिंह को नामजद कराया था। दरअसल इन लोगों से उनकी पुरानी रंजिश चल रही थी। रक्षपाल की हत्या करके वह इन्हें फंसाना चाहता था। पुलिस की छानबीन में सच्चाई सामने आ गई और बेगुनाह जेल जाने से बच गए।

रिश्तेदार भानुप्रताप की जेल में हुई थी शूटर से मुलाकात

करीब एक माह पहले ही महेंद्र का रिश्तेदार भानुप्रताप जेल से छूटकर आया था। उसके साथ संभल जिले का शूटर अखिलेश बंद था। दोनों की जेल में रहने के दौरान ही मुलाकात हुई थी। जब भानुप्रताप जेल से छूटकर आया तो महेंद्र ने उसे अपनी योजना बनाई। फिर योजना के मुताबिक 24 सितंबर की रात दिव्यांग किसान की हत्या कर दी गई।


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