Budaun News: ठेकेदार ने 30 घंटों तक मजदूरों को बनाया बंधक और की थी पिटाई
गंगा एक्सप्रेस-वे पर काम में लगे दो मजदूरों को मुर्गा बनाकर पिटाई का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
कुंवरगांव (बदायूं)। थाना क्षेत्र में चल रहे गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य में लगे दो मजदूरों की मुर्गा बनाकर बेरहमी से पिटाई के मामले में पता चला है कि केटीएल इंफ्रा कंपनी के पेटी ठेकेदार सुरेंद्र ने मजदूरी के रुपये मांगने पर दो मजदूरों को 30 घंटों तक बंधक बनाकर पीटा था। इस दौरान उन्हें मुर्गा भी बनाया।
बताया जाता है कि मजदूर उसके पैर भी पड़े लेकिन ठेकेदार को दया नहीं आई। इस मामले का बुधवार को जब वीडियो वायरल हुआ तो थाना पुलिस ने संज्ञान लेते हुए ठेकेदार के खिलाफ मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया। इस मामले में अब कई संगठनों ने डीएम से शिकायत कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
गंगा एक्सप्रेस-वे का काम प्रगति पर है। बदायूं के भूक्षेत्र में विभिन्न कंपनियों के माध्यम से रोजाना हजारों मजदूर कार्य कर रहे हैं। गंगा एक्सप्रेस-वे पर काम करने वाले मजदूर ब्रजवीर पुत्र बिहारी लाल तथा राजू निवासी ग्राम गौछ जिला फिरोजाबाद को पेटी ठेकेदार सुरेंद्र निवासी राजस्थान मजदूरी पर काम कराने के लिए लेकर आया था।
घटना 26 अगस्त की है जहां मजदूरों के मजदूरी के रुपये मांगने पर पर ठेकेदार ने मजदूर ब्रजवीर और राजू पर चोरी का इल्जाम लगाकर थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया। 28 अगस्त को पेटी ठेकेदार सुरेंद्र ने दोनों मजदूरों को थाने से छुड़ा लिया और अपने साथ ले आया। ठेकेदार ने अस्थायी आवास ग्राम भैसामई के पास पुलिया नंबर 185 पर बंधक बना लिया और दोनों को मुर्गा बनाकर बेरहमी से पीटा।
बताते हैं कि मारपीट में राजू का हाथ टूट गया लेकिन ठेकेदार ने पीटना बंद नहीं किया। किसी तरह मजदूर राजू ने वहां से निकल कर अपने हाथ का इलाज करवाया।
मजदूरों ने बताया कि अधिकतर कंपनियों ने सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय से लाइसेंस नहीं लिया है। किसी भी कर्मचारी का श्रम विभाग के कार्यालय में पंजीकरण नहीं है। यहां तक कि इनका ईपीएफ भी जमा नहीं किया जा रहा। इसके अलावा ईएसआई (स्वास्थ्य कार्ड) की सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराई गई है। समय से मजदूरी भी नहीं दी जा रही।
इधर, जनहित सत्याग्रह मोर्चा, राष्ट्रीय दलित पिछड़ा अल्पसंख्यक फेडरेशन, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन और उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ ने घटना की निंदा करते हुए डीएम से मजदूरों के साथ मारपीट करने वाले ठेकेदार पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
चोरी के मामले को लेकर दो मजदूरों के खिलाफ एफआईआर कराई गई थी। पता चला कि ठेकेदार द्वारा मजदूरों को पीटने का वीडियो वायरल हुआ है। इसके बाद ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। ठेकेदार के भागने के बाद श्रमिक रुकने को तैयार नहीं थे, जिसके बाद सभी का करीब सवा पांच लाख रुपये का भुगतान करा दिया गया है। जो मजदूर किसी कारणवश नहीं पहुंचे हैं उनका भी भुगतान करा दिया जाएगा।
-अजीत कनौजिया, सहायक श्रमायुक्त



