Budaun News: जानवरों के चारे पर छाया संकट, हालात होने लगे बेकाबू

कमले नगला में पन्नी डालकर रह रहे लोग। संवाद
-जहां पर जगह मिली, वहां पर चरने के लिए छोड़ रहे हैं ग्रामीण पशु
-सड़कों और तटबंध पर पन्नी डालकर रह रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं/सहसवान। सहसवान और उसहैत क्षेत्र में गंगा की तलहटी पर बसे गांवों के ग्रामीण के साथ-साथ पशुओं के हालात बिगड़ने लगे हैं। जहां बाढ़ की वजह से ग्रामीणों को गांव तक छोड़ना मजबूरी बन गया है। वहीं पशुओं के आगे चारे का संकट आ गया है। प्रशासन द्वारा अभी तक चारा उपलब्ध नहीं कराया है। ऐसे में ग्रामीणों को जहां पर भी जगह मिलती है, वहां पर पशुओं को चरने के लिए छोड़ देते हैं, ताकि पशु अपना पेट भर सके।
बाढ़ के कहर ने ग्रामीणों के साथ-साथ पशुओं का भी जीना मुहाल कर दिया है। सबसे खराब हालात सहसवान के तौफी नगला, वीर सहाय नगला, परशुराम नगला, खागी नगला के खराब है। तौफी नगला में हो रहे कटान के दखते हुए पिछले दिनों प्रशासन द्वारा गांव को खाली कराया गया था। इस दौरान अधिकांश परिवार गांव छोड़कर आ गए और अधिकांश लोगों ने गंगा-महावा तटबंध पर अपना बसेरा बना लिया था, लेकिन उनके प्रशासन द्वारा यहां पर कोई सुविधा मुहैया नहीं कराई जा रही है। ऐसे में वीर सहाय नगला, खागी नगला, आसे नगला समेत तौफी नगला में पानी भरा होने के कारण पशुओं के आगे चारे का संकट पैदा हो गया है। ऐसे में ग्रामीण पशुओं को जहां पर भी जगह मिलती है, वहां पर चरने के लिए छोड़ देते हैं।
सड़कों पर पन्नी डालकर रहे रहे लोग
उहसैत। कस्बा क्षेत्र के कमले नगला गांव के हालत भी बेहद खराब है, मजबूरी में ग्रामीण गांव को छोड़कर सड़कों पर पन्नी डालकर रह रहे हैं, क्योंकि गंगा का जलस्तर कभी कम तो कभी ज्यादा हो रहा है। ऐसे में ग्रामीण काफी असमंजस में है। ग्रामीणों के अनुसार इस बार उनको काफी ज्यादा नुकसान हुआ है। गांव में पानी भरा होने के कारण कुछ ग्रामीण सड़क पर पन्नी डालकर रहे रहे हैं। वहीं बेहटी गांव में बाढ़ का पानी लगातार कटान कर रहा है। ऐसे ग्रामीण दिनभर बैठकर कटान को देखते रहते हैं।
तटबंध पर कटाव को रोकने काे अब हो रहा काम
बदायूं। हर साल बाढ़ आती है। उसके बाद में बाढ़ से तटबंध को किसी भी तरह का कोई नुकसान न हो। इसके लिए अधिकारी प्रयास करते हैं, लेकिन जिले के अधिकारियों द्वारा कागजों में सभी काम को दुरुस्त दिखाया गया। जबकि धरातल पर काम पूरा तक नहीं किया गया, इसको लेकर अमर उजाला में पूर्व में ही खराब को प्रकाशित किया था, हालांकि विभाग ने अपनी खामियों को छिपाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन बाढ़ ने उनकी हकीकत को सबके सामने ला दिया। उसहैत के पथरामई का तटबंध कर कट गया तो उसहैत्, उसावां समेत शाहजहांपुर जिले के कई गांव तबाह हो जाएंगे, हालांकि शुक्रवार को पथरामई में जाकर डीएम ने निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि जल्द से जल्द वह इस कटान को रोके।
बैराजों से छोड़ा गया पानी
-नरौरा-200600
-बिजनौर-146754
-हरिद्वार-160304
-कछला पर खतरे का निशान 162 मीटर पर
-कछला में गंगा बह रही 162.65 मीटर पर

कमले नगला में पन्नी डालकर रह रहे लोग। संवाद

कमले नगला में पन्नी डालकर रह रहे लोग। संवाद