Budaun News: छह महीने बीत गए… अब भी वादों की भरमार, समस्याएं बरकरार

वन विभाग रोड पर टूटी पड़ी सड़क। संवाद
बदायूं। शहर में गंदगी, टूटी सड़कों, अतिक्रमण आदि समस्याओं से लोग परेशान हैं। चुनाव में यही सब दिक्कतें मुद्दा बनीं तो पालिकाध्यक्ष दीपमाला गोयल को सीट गंवानी पड़ी। पालिकाध्यक्ष बनने पर फात्मा रजा ने भी सफाई व्यवस्था और सड़कों की मरम्मत को लेकर लंबे-चौड़े वादे किए लेकिन छह महीने बाद भी वे धरातल पर नहीं उतर पाए हैं। ऐसे में अब जनता सवाल करने लगी है।
शहर में चुनिंदा जगहों को छोड़ दें तो बाकी पूरे शहर में गंदगी के अंबार हैं। नाले कूड़े से अटे हैं। कर्मचारी कूड़ा उठाने निकलते भी हैं तो पूर्वाह्न 11 बजे के बाद। ऐसे में लोगों को अपने काम-धंधे पर गंदगी के बीच से होकर ही जाना पड़ता है। दुकानदारों को भी परेशानी होती है। सड़कों का भी निर्माण नवंबर में शुरू होने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक एक भी सड़क पर काम शुरू नहीं हो पाया है। पालिकाध्यक्ष के कार्यकाल के छह महीने 26 नवंबर को पूरे हो गए हैं, लेकिन वे अपने वादों पर खरी नहीं उतरी हैं।
नवंबर तक सड़कें गड्ढामुक्त करने का था दावा
नगर पालिका की ओर से दावा किया गया कि नवंबर तक शहर की सड़कों को गड्ढामुक्त कर दिया जाएगा। इनमें सुभाष चौक, रजी चौक, वन विभाग रोड समेत जो भी सड़कें जर्जर हैं, उन्हें गड्ढामुक्त किया जाना है। करीब एक करोड़ रुपये से काम होना है, लेकिन सड़कें ठीक होना तो दूर, इन पर अभी काम तक शुरू नहीं हो सका है। इससे लोगों को ठोकरें खाते हुए आना जाना पड़ रहा है।
वाहन फंसे तो लोगों ने खुद पाटा गड्ढा
महाराणा प्रताप चौक से परशुराम चौक की ओर जाने वाली रोड पर गहरा गड्ढा हो गया। इसमें वाहन फंसने लगे, लेकिन पालिका ने ध्यान नहीं दिया तो लाेगों ने इधर-उधर से मिट्टी डालकर उसे खुद ही पाट दिया। यही हालत शहर की टिकटगंज, पुरानी चुंगी, नई सराय, जोगीपुरा आदि की सड़कों की है। गलियों और मोहल्लों की तो बात ही छोड़िए, मुख्य मार्ग ही जर्जर हालत में हैं। शहर के स्टेशन रोड की हालत भी खस्ता हो चुकी है।
दावा था सड़कों पर नहीं दिखेगा कूड़ा
दीपमाला गोयल के कार्यकाल में शहर की जनता सबसे ज्यादा गंदगी की समस्या से परेशान रही थी। सड़कों से कई कई कई दिनों तक कूड़ा नहीं उठता था। गलियों में तो कर्मचारी जाते ही नहीं थे। चुनाव के बाद पालिकाध्यक्ष की शपथ लेने के बाद फात्मा रजा ने वादा किया था कि सड़कों से सुबह समय से कूड़ा उठाया जाएगा, साथ ही मुख्य सड़कों से लेकर गलियों तक में सफाई कराई जाएगी। नाले-नालियों की भी साफ-सफाई होगी, लेकिन ये वादे हवा हो गए। बुधवार को 10:15 बजे तक मुख्य डाकघर के सामने से कूड़ा नहीं उठा। जफा कोठी के पास 11 बजे कूड़ा यूं ही पड़ा था। शहबाजपुर में हाईवे किनारे भी 11 बजे तक कूड़ा नहीं उठा था।
सड़कों से अतिक्रमण हटाने का वादा भी दिखावा
पात्मा रजा के पालिकाध्यक्ष बनने के एक माह बाद ही वर्षाकाल शुरू हो गया। शहर की तमाम प्रमुख सड़कों से लेकर कई मोहल्लों की गलियों यहां तक कि घरों तक में जलभराव हुआ। इससे लोगों को काफी परेशानी हुई था। तब कहा गया कि उन्हें काम कराने का समय नहीं मिल सका। बारिश बंद होने के बाद में इस दिशा में काम किया जाएगा और नालों से अतिक्रमण हटवाया जाएगा। सड़कों से अतिक्रमण हटाने के लिए व्यापारियों के साथ बैठक की जाएगी। छह महीने बाद भी इस दिशा में कोई पहल नहीं हो सकी है। बारिश बंद हुए भी दो माह से ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन अतिक्रमण यथावत है। आने वालों दिनों में बारिश हुई तो नालों पर कब्जा होने की वजह से लोगों को फिर से जलभराव से जूझना पड़ेगा।
सफाई कर्मचारी सुबह सात बजे से सफाई शुरू करते हैं। सभी जगहों पर पहुंचने में समय लगता है। बुधवार को एक कर्मचारी की मौत हो गई थी, इससे कूड़ा उठने में देरी हुई होगी। जहां तक सड़कों का सवाल है तो ये सरकारी काम हैं, इनमें कभी कभी ज्यादा समय लग जाता है। सड़कों को दिसंबर के प्रथम सप्ताह में गड्ढामुक्त करने का काम किया जाएगा। अतिक्रमण भी जल्द हटाया जाएगा। – फात्मा रजा, नगर पालिका अध्यक्ष

वन विभाग रोड पर टूटी पड़ी सड़क। संवाद

वन विभाग रोड पर टूटी पड़ी सड़क। संवाद

वन विभाग रोड पर टूटी पड़ी सड़क। संवाद

वन विभाग रोड पर टूटी पड़ी सड़क। संवाद

वन विभाग रोड पर टूटी पड़ी सड़क। संवाद