Budaun News: सामूहिक दुष्कर्म के दोषी को दस साल की कैद
बदायूं। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट दीपक यादव ने नौ साल पुराने किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में नामजद अभियुक्त को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने दोषसिद्ध को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 65 हजार रुपये का जुर्माना डाला है, जबकि दूसरे आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। तीसरे आरोपी की मुकदमे के दौरान मृत्यु हो चुकी है। वहीं दोषी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र सिंह वर्मा, अमोल जौहरी के मुताबिक थाना मूसाझाग क्षेत्र के एक गांव की महिला ने 13 जनवरी 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी नाबालिग पुत्री 16 दिसंबर 2013 की शाम शौच को गई थी। वहां से शाहिद निवासी दरावनगर थाना आंवला जिला बरेली, सलीम निवासी कुंवरगांव, जब्बार निवासी थल्लियानगला थाना मूसाझाग जबरन बाइक पर बैठाकर बशीर अहमद के घर में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया।
पुलिस ने सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुख्य आरोपी शाहिद को पुलिस पकड़ नहीं सकी, जबकि बशीर अहमद की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। विशेष न्यायाधीश दीपक यादव ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से अमोल जौहरी, वीरेंद्र सिंह वर्मा और बचाव पक्ष के अधिवक्ता के तर्कों को सुना। कोर्ट ने नामजद जब्बार को दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही दोषसिद्ध पर 65 हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला है। कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में सलीम को बरी कर दिया। वहीं शाहिद को दोषी मानते हुए उसकी गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं।