Budaun News: पिता पर हाथ उठाने से बौखलाए आरोपी बेहोश होने पर भी सिद्धार्थ को पीटते रहे

मोहननगला गांव में गमगीन बैठा युवक का परिवार। संवाद
कादरचौक (बदायूं)। थाना क्षेत्र के मोहन नगला गांव में पिता पर हाथ उठाने से आरोपी पुष्पेंद्र और धर्मवीर इस कदर बौखला गए थे कि सिद्धार्थ को बेहोश होने के बाद भी पीटते रहे। दोनों पक्षों में पहले से कोई रंजिश नहीं थी। शराब के नशे में हुई कहासुनी ही वारदात की वजह बनी। नशे में सिद्धार्थ ने जब नेमसिंह पर हाथ छोड़ दिया तो उसके बेटों पर ऐसा जुनून सवार हुआ कि उन्होंने सिद्धार्थ की जान ले ली।
ग्राम मोहन नगला निवासी सिद्धार्थ दो भाइयों में बड़ा था। वह खेतीबाड़ी और मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। उसका छोटा भाई ब्रजेश दिल्ली में रहकर एक कंपनी में नौकरी करता है। उसका कहना है कि हत्या के दौरान वह दिल्ली में था लेकिन उसे परिवार वालों ने बताया कि सोमवार शाम गांव के एक व्यक्ति के घर दावत थी। उसमें सिद्धार्थ व नेम सिंह के परिवार का भी न्योता था।
दावत खाने से पहले दोनों एक किलोमीटर दूर गांव रेवा में शराब पीने गए थे। करीब आधा घंटा बाद लौटकर आए तो काफी नशे में थे। आरोपी नेम सिंह अपने घेर में जाकर बैठ गया। उसके पीछे-पीछे सिद्धार्थ भी वहां पहुंच गए। शोर-शराबा होने पर नेम सिंह के दोनों बेटे वहां पहुंच गए। चूंकि सिद्धार्थ ज्यादा नशे में थे, इसलिए वह न तो अपना बचाव कर सके और न ही मदद के लिए परिवार वालों को बुला सके। जब परिवार वाले नेम सिंह के घेर में पहुंचे तो सिद्धार्थ चारपाई से बंधे थे। उनके ऊपर रजाई पड़ी थी।
यूपी-112 पुलिस ने रात में ही धुलवा दिया चारपाई पर लगा खून
सिद्धार्थ के परिवार वालों का कहना है कि हत्या के बाद उन्होंने सबसे पहले यूपी-112 पुलिस को सूचना दी थी। इस पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। जब परिवार वाले सिद्धार्थ को इलाज के लिए कादरचौक ले जा रहे थे, तभी रास्ते में हत्यारोपी नेम सिंह और उसका बेटा पुष्पेंद्र खड़ा मिला। उनके कहने पर पुलिस ने चारपाई पर लगा खून धुलवा दिया। हालांकि फिर भी चारपाई पर धब्बे रह गए। सुबह सिद्धार्थ के परिवार वाले चारपाई को अपने घर उठा लाए।
पुलिस ने रात में ही लिख ली थी मारपीट की रिपोर्ट, सुबह बढ़ाई गैर इरादतन हत्या की धारा
सिद्धार्थ के परिवार वाले रात में ही कादरचौक थाने पहुंचे। पुलिस ने सिद्धार्थ के पिता हुकुम सिंह की ओर से नेम सिंह, पुष्पेंद्र और धर्मवीर के खिलाफ मारपीट, गालीगलौज की रिपोर्ट दर्ज कर ली। सुबह सिद्धार्थ की मौत होने पर पुलिस ने रिपोर्ट में गैरइरादतन हत्या की धारा बढ़ा दी।
चार बच्चे हैं सिद्धार्थ के
सिद्धार्थ के परिवार की आर्थिक स्थित बहुत अच्छी नहीं है। परिवार खेतीबाड़ी और मजदूरी पर निर्भर है। सिद्धार्थ के चार छोटे-छोटे बच्चे हैं। इनमें सबसे बड़े बेटे दिपांशु की उम्र सात साल है। उससे छोटी बेटी दिव्या छह साल, बेटा अरुन पांच और सबसे छोटा बेटा दो साल का है।

मोहननगला गांव में गमगीन बैठा युवक का परिवार। संवाद

मोहननगला गांव में गमगीन बैठा युवक का परिवार। संवाद



