Budaun News: कारीगर ने रिफाइंड में बताई थी गड़बड़ी, देखरेख करने वाले बोले-सब ठीक है

08बीडीएन23आर-जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती बच्चों का हाल जानते सीएमओ डॉ.प्रदीप वार्ष्णेय।स
– फूड प्वाइजनिंग की सूचना पर दौड़े स्वास्थ्य कर्मी, बीमार स्वस्थ हुए तो सभी ने ली राहत की सांस
– उसहैत क्षेत्र के गांव खेड़ा जलालपुर में मंडप समारोह में हुई फूड प्वाइजनिंग का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। उसहैत थाना क्षेत्र के गांव खेड़ा जलालपुर में फूड प्वाइजनिंग का मामला सामने आते ही जिम्मेदार अधिकारी गांव की ओर दौड़ पड़े। जिला अभिहीत अधिकारी अपनी टीम के साथ गांव में पहुंचे और खाद्य सामग्री के बारे में जानकारी ली। उनके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीम भी गांव पहुंची। लोगों का कहना है कि कारीगर ने रिफाइंड में गड़बड़ी बताई थी, लेकिन देखरेख वालों ने सब ठीक है कहकर टाल दिया।
दावत खाने के बाद बीमार हुए 32 वर्षीय रतन सिंह पुत्र छंगे, रतन सिंह की पांच वर्षीय पुत्री नंदिनी, अमर सिंह की पांच वर्षीय पुत्री पूनम, 18 वर्षीय राहुल पुत्र वीरपाल, छोटे के 17 वर्षीय पुत्र आकाश, 12 वर्षीय विकास को कादरचौक सीएचसी पर ही भर्ती कर लिया गया। हालत ज्यादा खराब देख रिंकू के 10 वर्षीय पुत्र प्रदीप, सात वर्षीय हिमांशु, छह वर्षीय पुत्री दुर्गा, रामनरेश का सात वर्षीय पुत्र सोनी, गेंदालाल का 11 वर्षीय पुत्र सुधीर, 12 वर्षीय पुत्री शशि, नेकसू का 24 वर्षीय पुत्र शुभ कुमार, वीरपाल का 13 वर्षीय पुत्र पुष्पेंद्र, 10 वर्षीय पुत्र जीतू, छंगे लाल का 15 वर्षीय पुत्र नन्हे को जिला अस्पताल रेफर किया गया।
मामले की जानकारी होने के बाद जिला संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. कौशल गुप्ता के साथ सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय जिला अस्पताल पहुंचे और मरीजों का हालचाल लिया। सोमवार की सुबह उपचार के बाद सभी मरीजों को घर भेज दिया गया। सोमवार को मामले की जानकारी होने पर जिला अभिहीत अधिकारी चंद्रशेखर मिश्र टीम के साथ गांव पहुंचे और बचे हुए खाने और खाने में उपयोग किए गए रिफाइंड का सैंपल लिया।
खाना बनाने वाले कारीगर कल्याण, प्रेमपाल, रामसेवक से पूछा तो उन्होंने बताया कि रिफाइंड के आखिरी डिब्बे में गड़बड़ी दिखने पर उन्होंने उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे, लेकिन दावत की देखरेख करने वालों ने कहा कि यही रिफाइंड चल जाएगा। फिलहाल सभी बीमार लोगों के स्वस्थ होने पर प्रशासनिक अमले ने राहत की सांस ली।
इन लोगों का गांव में किया गया उपचार
गांव खेड़ा जलालपुर में दावत खाकर फूड प्वाइजनिंग के शिकार हुए 22 वर्षीय सौरभ पुत्र रामेश्वर, 25 वर्षीय निधि पत्नी अवनीश, 22 वर्षीय मधु पत्नी सचिन, 32 वर्षीय राममूर्ति पत्नी श्रीकांत, 20 वर्षीय चंदन पुत्र रामबाबू, 30 वर्षीय नीलम पत्नी मुनेंद्र, नरेंद्र के 11 वर्षीय पुत्र वरुण, रामदास की 10 वर्षीय पुत्री रुचि, उदयवीर के 16 वर्षीय पुत्र गौरव, हरिश्चंद्र की 15 वर्षीय पुत्री अखिलेशा का गांव में ही उपचार किया गया। सभी स्वस्थ हैं।
उसहैत से खरीदी गई थी खाद्य सामग्री
चरत लाल के परिजनों ने बताया कि उसहैत के ही एक किराना व्यापारी के यहां से खाद्य सामग्री को खरीदा गया था। इसमें रिफाइंड की गुणवत्ता सही थी या गलत इसके बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी।
ज्यादा दिनों तक रखे रहने से दूषित हो जाता है रिफाइंड
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. राजीव गुप्ता ने बताया कि ज्यादा दिनों तक अगर घी या रिफाइंड रखा रहता है तो वह दूषित हो जाता है। इसके सेवन से पेट में गैस बनती है और आंतों पर सूजन आ जाती है। इस वजह से उल्टी, दस्त होने लगते हैं। हो सकता है कि रिफाइंड काफी दिन पुराना हो, जिससे ऐसा हुआ हो।
खेड़ा जलालपुर में 16 लोगों के बीमार होने की सूचना मिलने पर हम टीम के साथ गांव गए थे। करीब 450 लोगों ने दावत खाई थी ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि खाना दूषित था, खाना दूषित होता तो सभी बीमार होते। फिलहाल खाद्य सामग्री और बचे हुए खाने का सैंपल लिया गया है, रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
– चंद्रशेखर मिश्र, जिला अभिहीत अधिकारी/उपायुक्त खाद्य

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