बदायूं

Budaun News: बाढ़ से घिरे गांवों में एक माह से बिजली नहीं

Connect News 24

There is no electricity in the flood affected villages for a month

गांव भमरौलिया में नांव से जाते बच्चे। संवाद

दिन तो जैसे-तैसे कट रहा पर रात में आती है दिक्कत

संवाद न्यूज एजेंसी

बदायूं। बाढ़ लगातार लोगों के लिए मुसीबत हुई है। सहसवान इलाके के कई गांव टापू बन गए हैं, जिसकी वजह से इन गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय से कट गया है। ऐसे में इन गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप है। जिसकी वजह इन गांवों के लोगों को जीना मुहाल है। दिन तो जैसे-तैसे कट जाता है, पर अंधेरे में रात कटाना मुश्किल हो जाता है। सांप, जहरीले कीड़ों का भी डर बना रहता है।

गंगा का जलस्तर पिछले छह दिनों से लगातार बढ़ रहा है। जिसकी वजह से एक बार फिर बाढ़ के हालात बिगड़ गए हैं। ऐसे में तहसील दातागंज के बेहटी, कमले नगला, कदम नगला, रैपुरा, ठाकुरी नगला, जटा प्रेमी नगला, जसवंत नगला, कमलू नगला तो सहसवान के खागी नगला, वीर सहाय नगला, भमरौलिया, तौफी नगला, परशुराम नगला, आसे नगला में बिजली ठप है।

तटबंध के पार बसे गांवों में जाकर मोबाइल करते हैं चार्ज

सहसवान के खागी नगला, वीर सहाय नगला, भमरालिया, तौफी नगला गांव के लोग तटबंध के दूसरी पार बसे गांवों में जाकर अपने मोबाइल फोन को चार्ज करते हैं। साथ ही वह फोन का उपयोग केवल अपनी तरफ से कॉल करने के लिए करते है।

रात में गांव में रुकना खतरे से कम नहीं है, क्योंकि बाढ़ के साथ जहरीले कीड़े भी आ रहे हैं। ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि पेट्रोमैक्स या सोलर बैटरी गांव में उपलब्ध कराए। -फिरासत

एक माह से बिजली नहीं आने की वजह से मोबाइल फोन भी बंद पड़े हैं। दूसरे गांव में जाकर फोन चार्ज करा लेते हैं। जरूरत के वक्त ही फोन को ऑन करते हैं। अन्यथा पूरी समय बंद रहता है। -यादराम

प्रशासन ने बांटी राहत सामग्री

सहसवान। तहसील प्रशासन की ओर से सहसवान के ताैफी नगला, परशुराम नगला और खागी नगला में जाकर ग्रामीणों को राहत सामग्री का वितरण किया गया। एसडीएम ने कहा कि ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी दी जाएगी। उनके रुकने और खाने-पीने का इंतजाम किया जा चुका है। राशन मुहैया कराया जा रहा है। संवाद

नरौरा से छोड़ा तीन लाख क्यूसेक पानी

बदायूं। बाढ़ खंड विभाग के अनुसार हरिद्वार से 115258 क्यूसेक, बिजनौर से 133084 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं नरौरा से 294525 क्यूसेक पानी छोड़ा है। जो दो दिनों में जिले मेें पहुंच जाएगा। जिससे गंगा का जलस्तर और बढ़ जाएगा। ऐसे में पथरामई तटबंध को काफी ज्यादा खतरा है। अधिकारी भी चिंतित हैं, क्योंकि अगर पथरामई तटबंध के पास काटन हुआ तो कई गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे और जिले के हालात बेहद ज्यादा खराब हो जाएंगे। हालांकि बाढ़ खंड के अधिकारी दिन रात वहां पर निगाह रखे हुए हैं। संवाद

गांव भमरौलिया में नांव से जाते बच्चे। संवाद

गांव भमरौलिया में नांव से जाते बच्चे। संवाद

गांव भमरौलिया में नांव से जाते बच्चे। संवाद

गांव भमरौलिया में नांव से जाते बच्चे। संवाद

गांव भमरौलिया में नांव से जाते बच्चे। संवाद

गांव भमरौलिया में नांव से जाते बच्चे। संवाद


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