Budaun News: संसार में होना चाहिए केवल मानवता का धर्म

बिल्सी के गुधनी आर्य समाज मंदिर पर हुए सत्संग में प्रवचन देती तृप्ति शास्त्री। संवाद
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव गुधनी स्थित आर्य समाज मंदिर पर रविवार को साप्ताहिक सत्संग आयोजित किया गया। इसमें विश्व शांति की कामना के साथ यज्ञ कराया गया। तृप्ति शास्त्री ने कहा कि हमारे ऋषि अहिंसा, शांति सौहार्द और भाईचारे का संदेश देते रहे हैं। महर्षि दयानंद ने लोगों से कहा कि तुम लोगों की मत मानो, परंपराओं की भी मत मानो, कोई बड़ा कह रहा है इसलिए भी मत मानो, तुम आत्मा की सुनो और जो समाज के लिए राष्ट्र के लिए मानवता के लिए और तुम्हारे स्वयं के हित के लिए है वही करो।
परंपराएं रीति रिवाज और मजहब पिंजरों की तरह होते हैं, जिनमें फंसकर मनुष्य हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई हो सकता है पर इंसान नहीं हो सकता। इसलिए इस संसार में एक ही धर्म होना चाहिए वह है मानवता का। इस मौके पर साहब सिंह, अगरपाल सिंह, रेखा रानी, राकेश आर्य, ईशा, मोना, तानिया, दया शर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद