Budaun News: अहिल्या उद्धार और प्रभु राम के जनकपुर आगमन की कथा सुनाई

उझानी में कथा सुनाते रवि महाराज।
उझानी। मेरे राम आश्रम में चल रही राम कथा में बुधवार को रवि महाराज ने अहिल्या उद्धार और प्रभु राम के जनकपुर आगमन की कथा सुनाई। कहा- श्रीराम के चरणों से अहिल्या का उद्धार हो गया। इसके बाद अहिल्या ने प्रभु से यही वर मांगा कि उन्हें गौतम ऋषि जैसा ही पति मिले।
रवि महाराज ने श्रीराम समेत उनके चारों भाइयों के वशिष्ठ के आश्रम में शिक्षा ग्रहण करने का प्रसंग भी सुनाया। कहा कि प्रभु राम ने शिक्षा ग्रहण करते समय भी मर्यादित आचरण किया था। वह शिक्षा पाकर अयोध्या लौटे तो मुनि विश्वामित्र श्रीराम और लक्ष्मण को बुला ले गए। मुनि वन में राक्षसों के उत्पात और धार्मिक क्रियाकलापों में विघ्न से परेशान थे।
रवि महाराज ने राम- लक्ष्मण के जनकपुर जाने की कथा के प्रसंग भी सुनाए। कहा कि जनकपुर पहुंचने से पहले विश्वामित्र ने श्रीराम को बाग में ठहराया। साथ ही श्रीराम और लक्ष्मण को जनकपुर के बारे में अवगत कराया। कथा में श्रद्धालुओं ने कथावाचक की मौजूदगी में व्यास गद्दी की आरती भी की।
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श्रीकृष्ण-सुदामा के प्रसंग से सीखें मित्रता का महत्व
उझानी। शीतला माता मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में श्रीष गोपाल महाराज ने बुधवार को सुदामा चरित्र का प्रसंग सुनाया। कहा कि श्रीकृष्ण और सुदामा बाल सखा थे। सुदामा ने आर्थिक संकट के बाद भी धैर्य का पालन किया। वह पत्नी के कहने पर मित्र कृष्ण से मिलने गए, लेकिन लौटते समय उन्हें भी पता नहीं चल पाया कि कृष्ण ने उनकी नगरी का कायाकल्प करा दिया। असल में मित्रता को कृष्ण और सुदामा दोनों ने निभाया। श्रीष गोपाल ने परीक्षित की कथा भी सुनाई। इस मौके पर शिव सनेही मिश्र, संजय चतुर्वेदी, संतोष वार्ष्णेय, शिव किशोर माहेश्वरी, वैभव चतुर्वेदी, मनु मिश्रा, श्याम यादव, मुनीश चौहान आदि मौजूद थे। संवाद