Budaun News: यूनिवर्सिटी ने बदला परीक्षा का प्रारूप, विद्यार्थी बोले- फायदा मिलेगा
बदायूं। रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने इस बार परीक्षा का प्रारूप पूरी तरह बदल दिया है। परीक्षा अवधि तीन घंटे से घटाकर दो घंटे कर दी है। अति लघु प्रश्नों को प्रश्नपत्र में जोड़ा गया है। अधिकांश विद्यार्थी मान रहे हैं कि आने वाले समय में उन्हें इसका फायदा मिलेगा।
विश्वविद्यालय ने बेवसाइट पर स्कीम जारी कर दी है। इसके तहत परीक्षाएं 15 दिसंबर से शुरू होकर 20 जनवरी तक चलेंगी। पहली पाली में परीक्षा साढ़े आठ बजे से शुरू होगी, जो 10:30 बजे समाप्त हो जाएगी, जबकि पहले सुबह सात से 11 बजे तक परीक्षा होती थी। इसी प्रकार दूसरी पाली 11:30 बजे से डेढ़ बजे तक और तीसरी पाली ढाई बजे से साढ़े चार बजे तक होगी।
इसके अलावा प्रश्नों में भी अंतर देखने को मिलेगा। जहां इस बार केवल एक दीर्घ प्रश्न हल करना होगा वहीं उसके अलावा दो लघु उत्तरीय प्रश्न और 10 अति लघु उत्तरीय प्रश्न हल करने होंगे। ऐसे में कुल 13 प्रश्नाें को हल करना होगा, जबकि पहले प्रश्नों की संख्या अलग थी।
विद्यार्थी बोले- नहीं होगी कोई दिक्कत
फोटो- 23
– विश्वविद्यालय की तरफ से परीक्षा अवधि कम कर दी है। यह ठीक भी है, क्योंकि इसके सापेक्ष प्रश्नों के संख्या भी कम की गई है। ऐसे में किसी को कोई दिक्कत नहीं होगी। – अंशिका चौधरी, पांचवां सेमिस्टर
फोटो- 25
– विश्वविद्यालय ने समय अवधि कम करने का फैसला लिया है। इससे छात्र-छात्राओं को न फायदा और न नुकसान है। उन्हें पहले तीन घंटे के अनुसार प्रश्न हल करने होते थे। यहां दो घंटे के अनुसार करने होंगे।- स्नेहा पांडेय, पांचवां सेमेस्टर
फोटो- 24
– इसका फायदा दूरदराज से परीक्षा केंद्र पर आने वालों को होगा, क्योंकि सात बजे परीक्षा शुरू हो जाती थी। ऐसे में ठंड के मौसम में तड़के ही छात्र-छात्राओं को निकलना पड़ता था, लेकिन अब साढ़े आठ बजे से परीक्षा होगी। – सौरभ कुमार, प्रथम सेमेस्टर
फोटो- 22
-परीक्षा का समय कम करने के साथ ही प्रश्नों की संख्या भी कम की है। यह बेहतर है, हालांकि विश्व विद्यालय द्वारा कोविड काल में भी ऐसा किया जा चुका है। – सौम्या, पांचवां सेमेस्टर
वर्जन-
– विश्वविद्यालय ने स्कीम जारी की है, जिसमें परीक्षा अवधि और समय में परिवर्तन किया गया है, साथ ही प्रश्नों की संख्या में भी अंतर आया है। हांलाकि विश्वविद्यालय द्वारा अभी तक इस संबंध में कोई लिखित सूचना नहीं दी है। – डॉ. स्मिता जैन, प्राचार्य, राजकीय महिला डिग्री कॉलेज

सौम्या

सौम्या

सौम्या