बदायूं

Budaun News: मतदाताओं ने कर दिया फैसला, अब हार-जीत का लगेगा गुणा भाग

Connect News 24

– शनिवार को स्थिति होगी साफ, किसके सिर सजेगा जीत का ताज

– जिले की सात नगर पालिका और 15 नगर पंचायतों की सामने आई तस्वीर

संवाद न्यूज एजेंसी

बदायूं। शहर और नगर की सरकार बनाने को कई दिन से चल रही मशक्कत बृहस्पतिवार को मुख्य पढ़ाव पर आकर टिक गई। चुनावी दंगल मेें ताल ठोक रहे सभी प्रत्याशियों का भाग्य मतपेटियों में बंद हो गया। अब शनिवार को तय होगा कि किसके सिर जीत का ताज सजेगा। हार जीत के गुणा-भाग के साथ शुक्रवार का दिन भी कट जाएगा, लेकिन मतदाता यह तय कर चुके हैं कि इस बार वे किसे अपना अध्यक्ष चुनेंगे।

क्या है हार जीत का गणित, इसे समझने के लिए जिले की सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में मतदान के बाद एक बार फिर सिरे से झांकना होगा। पेश है पूरे जिले की रिपोर्ट-

नगर पालिका- बदायूं

भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी के बीच सीधी टक्कर

बदायूं। बदायूं सीट पर भाजपा की दीपमाला गोयल और निर्दलीय फात्मा रजा के बीच कांटे की टक्कर रहने का अनुमान है। पिछले दिनों भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में वोट देने की अपील करने के लिए मुख्यमंत्री भी आए थे। इसका असर शहर सीट के कुछ मतदान केंद्रों पर देखने के लिए मिला, लेकिन फात्मा का दबदबा भी शहर के कई केंद्रों पर नजर आया। भाजपा के अंदरखाने की राजनीति और पिछले पांच सालों में समस्याओं को लेकर जनता की नाराजगी मतदान में भी साफ नजर आई। ऐसे में भाजपा के बगावती लोगों के साथ नाराज मतदाताओं को भी फात्मा रजा में ही विकल्प नजर आया। ऐसे में इस बार भी दीपमाला और फात्मा के बीच ही कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। हालांकि कांग्रेस की माधवी साहू, निर्दलीय नाजमी समेत बसपा की संतोष कश्यप व आप की शाह जमानी ने भी जीत के लिए मशक्कत की है। संवाद

नगर पालिका- उझानी

भाजपा और सपा समर्थित प्रत्याशी में आमने-सामने की टक्कर

उझानी। नगर पालिका उझानी में भाजपा प्रत्याशी पूनम अग्रवाल और सपा समर्थित प्रत्याशी रजनीश यादव के बीच में बेहद करीबी मुकाबला है। पूनम अग्रवाल सपा से 2017 में चुनाव जीती थीं। इसी साल वे भाजपा में आ गईं थीं। काफी वर्षों से भाजपा में जुड़े लोग निकाय चुनाव में टिकट पाने के लिए अपना-अपना गणित लगाए हुए थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इधर, सपा ने रजनीश यादव को अपना समर्थन दे दिया। उझानी में सपा का भी दबदबा काफी है, जिससे दोनों के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है। केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा उझानी के रहने वाले हैं। ऐसे में यहां पर बेहद रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है। संवाद

नगर पालिका- ककराला

निर्दलीय सकलैनी और बसपा प्रत्याशी मुस्लिम खां में टक्कर

ककराला। नगर पालिका परिषद से पिछले चुनाव में अध्यक्ष चुनी गईं परवीन मुस्लिम के पति पूर्व विधायक मुस्लिम खां बसपा से इस बार निकाय चुनाव मैदान में उतरे हैं। ककराला में उनका पक्ष मजबूत माना जा रहा है, हालांकि निर्दलीय प्रत्याशी इंतखाब अहमद सकलैनी अपने व अपने पिता के व्यवहार के दम चुनाव मैदान में दमदार तरीके से डटे हुए हैं। माना जा रहा है कि यहां पर निर्दलीय और बसपा प्रत्याशी के बीच करीबी टक्कर देखी जा सकती है। हालांकि भाजपा प्रत्याशी की जीत को लेकर लोगों में संशय बना हुआ है। संवाद

नगर पालिका-सहसवान

भाजपा के अनुज पर निर्दलीय बाबर दिख रहे भारी

सहसवान। नगर निकाय चुनाव में भाजपा ने इस बार अनुज माहेश्वरी को अपना उम्मीदवार बनाया है। शुरुआत से लोग भाजपा के पक्ष में दिखाई दे रहे थे, लेकिन मतदान से कुछ समय पहले से निर्दलीय प्रत्याशी बाबर मियां का पक्ष भी भारी नजर आने लगा। इसका असर बृहस्पतिवार को वोटिंग के दौरान दिखाई दिया। यहां पर भाजपा प्रत्याशी पर निर्दलीय प्रत्याशी भारी पड़ते दिखाई दे हैं, क्योंकि मुस्लिम वोट बाबर मियां के पक्ष में ज्यादा पड़ने का अनुमान जताया जा रहा है। कुछ जगहों पर पूर्व पालिकाध्यक्ष निर्दलीय नूरुद्दीन का दबदबा भी बताया जा रहा है। संवाद

नगर पालिका- बिसौली

निर्दलीय अबरार पड़ सकते हैं भारी, भाजपा से मुकाबला

बिसौली। नगर पालिका से पालिकाध्यक्ष का चुनाव लड़ने वाले भाजपा के चिह्न पर कई लोग थे, लेकिन पार्टी ने बिसौली में हरिओम पाराशरी को प्रत्याशी बनाया। ऐसे में बिसौली में दो दावेदार अशोक वार्ष्णेय और मोनू महाजन ने बगावत कर दी और निर्दलीय मैदान में उतर गए। इसका असर बिसौली में दिखाई दे रहा है। अब तक अबरार अहमद बिसौली से पालिकाध्यक्ष थे। ऐसे में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अबरार भी मैदान में उतर गए। ऐसे में कोई और मुस्लिम उम्मीदवार न होने के साथ साथ भाजपा में अंदरखाने की उठापटक के कारण उनका पलड़ा ज्यादा भारी बताया जा रहा है। संवाद

नगर पालिका- दातागंज

मजबूत नजर आ रही भाजपा, सपा और निर्दलीय भी दे रहे टक्कर

दातागंज। नगर पालिका चुनाव में दातागंज से भाजपा प्रत्याशी नैना गुप्ता मजबूत नजर आ रही हैं। इसकी मुख्य वजह ये मानी जा रही है कि सपा ने दो बार विधायक रहे प्रेमपाल यादव के पुत्र व पूर्व ब्लॉक प्रमुख अवनीश यादव को टिकट न देकर मुकेश शर्मा को अपना प्रत्याशी बनाया है। इसकी वजह से दातागंज में सपा वोटर बृहस्पतिवार को दो तरफ बंटे नजर आए। लोगों का कहना है कि इसका फायदा सीधे तौर पर भाजपा प्रत्याशी को मिल रहा है। हालांकि अवनीश यादव भी काफी मजबूत माने जा रहे हैं। वहीं सपा के मुकेश शर्मा भी फाइट में नजर आ रहे हैं। संवाद

नगर पालिका- बिल्सी

भाजपा पर भारी पड़ती दिखीं निर्दलीय प्रत्याशी सुषमा

बिल्सी। नगर पालिका अध्यक्ष सीट पर भाजपा से ज्ञानदेवी सागर, बसपा से कमलेश खड़ी हुई थीं। सपा से कोई प्रत्याशी खड़ा नहीं हुआ है। हालांकि सपा में रही सुषमा मौर्य निर्दलीय के रूप में मैदान में डटी रहीं। हाल ही में बसपा प्रत्याशी कमलेश भाजपा में शामिल हो गई, लेकिन निर्दलीय प्रत्याशी सुषमा मौर्य इसके बावजूद भाजपा प्रत्याशी पर भारी नजर आ रही है। बृहस्पतिवार को हुई वोटिंग के दौरान भाजपा के मुकाबले निर्दलीय प्रत्याशी ज्यादा मजबूत मानी जा रही हैं। हार जीत का अंतर भी एक दो हजार वोटों का माना जा रहा है। संवाद

नगर पंचायतों का हाल

कुंवरगांव में भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी में टक्कर

कुंवरगांव। नगर पंचायत कुंवरगांव में आठ प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें एक किन्नर प्रत्याशी भी है। बृहस्पतिवार की सुबह यहां मतदान केंद्रों पर खूब भीड़भाड़ दिखाई दी। दोपहर बाद लोग कम निकले। भीड़ में युवा वोटर अधिक रहे। इस दौरान हुईं चर्चाओं पर गौर करें तो सबसे ज्यादा वोट भाजपा प्रत्याशी ज्योति रानी और पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष रीता देवी को पड़े। वहीं निर्दलीय प्रत्याशी कंचन और राजेंद्र पाल आदि भी उनका पीछा करते नजर आए। अब इन प्रत्याशियों में सबसे ज्यादा मत किसको पड़े इस चुनाव में कौन जीतेगा। यह तो वक्त ही बताएगा, फिलहाल नगर के लोग अलग-अलग तरह का अनुमान लगा रहे हैं। संवाद

उसहैत में पूर्व अध्यक्षों के बीच कड़ा मुकाबला

उसहैत। उसहैत नगर पंचायत का पूरा चुनाव हिंदू-मुस्लिम पर बताया जा रहा है। यहां दोनों ओर से पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष मैदान में हैं। दोनों प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला है। हालांकि यहां से सात प्रत्याशी मैदान में हैं, लेकिन उनमें दो प्रत्याशी ऐसे हैं, जिनके परिवार में एक-एक अन्य सदस्यों ने भी परचा भरा था। नामांकन कराने के बाद उन्होंने एक-एक प्रत्याशी पीछे कर दिया और वह चुनाव में आगे आ गए। मसलन, भाजपा प्रत्याशी गौरव कुमार ने ही अपनी मां रमा देवी और ध्रुवदेव गुप्ता ने अपनी मां आशा का नामांकन कराया था। भाजपा प्रत्याशी गौरव की जिस प्रत्याशी से टक्कर बताई जा रही है, वह पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष नवाब हसन हैं। संवाद

नगर पंचायत उसावां में निर्दलीय प्रत्याशियों का बोलबाला

उसावां। नगर पंचायत उसावां में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आ सकते हैं। यहां भाजपा प्रत्याशी धीरेंद्र पाल गुप्ता हैं तो वहीं निर्दलीय प्रत्याशी मनोज कुमार और प्रियंका सिंह भी नामांकन कराने से पहले भाजपा से टिकट मांग रहे थे। जब भाजपा से टिकट नहीं मिला तो दोनों ने निर्दलीय नामांकन करा दिया। इससे भाजपा की ओर से दोनों प्रत्याशियों को निष्कासित कर दिया था, लेकिन मतदान के दिन दोनों प्रत्याशी चर्चाओं में आगे रहे। कुछ लोगों का कहना है कि दोनों प्रत्याशियों में कड़ी टक्कर रहेगी। भाजपा प्रत्याशी धीरेंद्र पाल गुप्ता से काफी लोग नाराज हैं। दरअसल, वह वर्ष 2017 में नगर पंचायत अध्यक्ष रहे थे। इस चुनाव में तीन वैश्य समाज के प्रत्याशी मैदान में आ गए। तो कुछ लोग विरोध करते नजर आए। इससे भाजपा प्रत्याशी के पीछे जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। संवाद

कछला में भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी में टक्कर

कछला। नगर पंचायत कछला में भाजपा प्रत्याशी जगदीश और निर्दलीय प्रत्याशी किशनपाल के बीच कड़ी टक्कर बताई जा रही है। हालांकि निर्दलीय प्रत्याशी किशनपाल भी भाजपा से टिकट मांग रहे थे, लेकिन जब उन्हें टिकट नहीं मिला तो वह निर्दलीय ही मैदान में उतर गए। इससे उन्हें भाजपा से निष्कासित कर दिया गया। नगर पंचायत कछला में सात प्रत्याशी मैदान में हैं। उनमें भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी किशनपाल ज्यादा चर्चाओं में हैं तो वहीं अनिल यादव और एक-दो प्रत्याशी दोनों का पीछा करते नजर आ रहे हैं। अब इस लड़ाई में कौन जीतेगा यह तो 13 मई के बाद ही पता चलेगा। संवाद

इस्लामनगर में भाजपा और बसपा के बीच कड़ा मुकाबला

इस्लामनगर। नगर पंचायत इस्लामनगर में भाजपा और बसपा के बीच कड़ा मुकाबला बताया जा रहा है। बसपा प्रत्याशी निशात मुशाहिद वर्ष 2017 में चुनाव जीती थीं। तब से उन्होंने नगर पंचायत के लोगों तक अपनी पहुंच बना ली। साथ ही उनके जेठ पूर्व विधायक हाजी मुसर्रत अली उर्फ हाजी विट्टन भी मदद को आगे आ गए। भाजपा प्रत्याशी भावना गुप्ता पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र लीडर की पुत्रवधू हैं। उन्होंने भी जनता तक अपनी पहुंच बनाई है। यहां के मतदान के आंकड़ों और मतदाताओं में हो रही चर्चाओं पर गौर करें तो दोनों ही प्रत्याशियों में कड़ा मुकाबला रहा, जबकि तीसरे नंबर पर आप प्रत्याशी आयशा परवीन बताई जा रहीं हैं। संवाद

सखानू में भाजपा और बसपा आमने-सामने

सखानू। मुस्लिम बाहुल्य नगर पंचायत सखानू में वैसे तो सात प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन असल मुकाबला भाजपा प्रत्याशी आसिम हुसैन और बसपा प्रत्याशी शाहिद शमी के बीच बताया जा रहा है। इसके कारण भी लोग बता रहे हैं। चर्चाएं हैं कि भाजपा प्रत्याशी को हिंदू वोट, व्यापारी वर्ग और बंजारे आदि का वोट ज्यादा मिला है तो वहीं बसपा प्रत्याशी के साथ अनुसूचित जाति का वोट ज्यादा मिला है। तीसरे प्रत्याशी फैसल और चौथी प्रत्याशी शमीना बेगम भी लड़ाई में हैं, लेकिन जिस तरह से भाजपा और बसपा के बीच टक्कर है। उस तरह अन्य प्रत्याशी नजर नहीं आ रहे हैं जबकि शमीना बेगम पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष हिलालुद्दीन की पत्नी हैं। संवाद


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