बदायूं

Budaun News: नीतू के परिजनों के सिर पर था खून सवार…. करना चाहते थे जयपाल के पूरे परिवार का सफाया

Connect News 24

Neetu's family had blood on their heads...they wanted to wipe out Jaipal's entire family.

परौली गांव में इसी जगह पर हुई थी प्रेमी युगल की हत्या। संवाद

बिल्सी (बदायूं)। प्रेमी युगल के हत्यारों पर खून सवार था। वे जयपाल उर्फ सचिन के पूरे परिवार का सफाया करना चाहते थे। उन्होंने घर का दरवाजा भी खुलवाने की कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हुए। वे इतना डर गए थे कि वह जयपाल को बचाने तक बाहर नहीं आए। आरोपी काफी देर तक जयपाल का घर को घेरे रहे। जब वे चले गए और ज्यादा संख्या में ग्रामीण घटनास्थल के पास आ गए तब बाहर आए।

ग्राम परौली निवासी महेश की तीन संतानों में नीतू सबसे बड़ी थी। उससे छोटे दो नाबालिग भाई हैं। नीतू और जयपाल का पिछले तीन-चार साल से प्रेम संबंध चल रहा था। उनके घर एक-दूसरे के नजदीक हैं। दोनों के घरों के बीच में केवल नीतू के चाचा का ही घर है। इससे वे एक-दूसरे को बचपन से जानते थे। उनके प्रेम प्रसंग की परिजनों को भी जानकारी थी। जयपाल एक माह पहले हरियाणा चला गया था। इस दौरान दोनों की लगातार एक दूसरे से बातचीत होती रही। 31 दिसंबर की शाम जयपाल हरियाणा से लौटकर आया। बताते हैं कि दोनों की एक साथ भागने की योजना थी। इसी के चलते सोमवार रात करीब 10 बजे नीतू अपने घर से तैयार होकर जयपाल के घर पहुंच गई।

इधर जब महेश के परिवार वालों को नीतू घर में दिखाई नहीं दी तो उन्होंने उसकी खोजबीन शुरू कर दी। वह रातभर नीतू को तलाश करते रहे। रात दो बजे तक जब उसका कुछ पता नहीं चला तो उन्हें यकीन हो गया कि नीतू जयपाल के घर में हैं। इसके बाद इन्होंने जयपाल के घर की घेराबंदी कर दी। इस दौरान प्रेमी युगल अंदर ही रहा। सुबह करीब 4:30 बजे उन्होंने जयपाल के घर का दरवाजा खटखटाया। तभी नीतू और जयपाल घर से निकलकर भागने लगे। इस पर महेश और उसके परिवार वालों ने दोनों की हत्या कर दी। बाद में जयपाल के बाकी परिवार वालों को भी बाहर निकालने की कोशिश की लेकिन अपने मकसद में कामयाब नहीं हुए। घर के अंदर जयपाल के पिता सूरजपाल, उनकी पत्नी मनीदेवी, पुत्र कक्षा 12 में पढ़ रहा राममोहन (17), कक्षा नौ में पढ़ रहे रामखिलाड़ी (15) और पुत्री खुशवती (12) थे।

खूंटे में न फंसती पैंट तो बचकर भाग जाता जयपाल

जयपाल के घर के सामने सड़क पर भैंस बांधने के खूंटे गड़े हैं। दरवाजा खोलने के बाद नीतू और जयपाल घर से निकलकर भागे तो नीतू कुछ आगे निकल गई लेकिन जयपाल की पैंट खूंटे में अटक गई, जिससे वह सड़क पर गिर गया। तभी महेश और उसके परिवार वाले उस पर टूट पड़े। बताते हैं कि नीतू ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन इसी दौरान परिवार वालों ने उसकी भी हत्या कर दी।

बाहर चीख रहा था जयपाल, अंदर से जान की भीख मांग रहा था परिवार

सुबह 4:30 बजे का वक्त था। गांव में कहीं कोई व्यक्ति सड़क पर दिखाई नहीं दे रहा था। उस वक्त सूरजपाल के घर पर आफत टूट पड़ी। जैसे ही प्रेमी युगल घर से बाहर भागा, नीतू के परिवार वालों ने घेर लिया। उस पर लाठी-डंडों और फावड़े से वार करना शुरू कर दिए। जयपाल और घर के अंदर से परिवार वाले उसकी जान बख्श देने की गुहार लगाते रहे लेकिन हत्यारों ने उनकी एक नहीं सुनी। जयपाल तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था। वह हरियाणा में टैक्सी चलाता था। पिता मजदूरी करते हैं। उनके नाम जमीन नहीं है। पिता और जयपाल की कमाई से ही घर का खर्चा चल रहा था।

दो साल पहले जयपाल से मिलने हरिद्वार पहुंच गई थी नीतू

बदायूं/ बिल्सी। जयपाल के परिवार वालों को उसकी जान का खतरा करीब दो साल से था। तब से परिवार वाले उसे घर से दूर रख रहे थे लेकिन वह कभी नीतू से दूर नहीं हुआ। वह अक्सर उससे मोबाइल पर बात करता था। करीब दो साल पहले नीतू घर छोड़कर उससे मिलने हरिद्वार पहुंच गई थी। तब भी दोनों परिवारों के बीच जमकर विवाद हुआ था। हालांकि उस वक्त जयपाल के परिवार वाले नीतू को हरिद्वार से ले आए थे और उसे परिवार वालों के हवाले कर दिया था।

करीब दो साल पहले परौली निवासी जयपाल हरिद्वार में काम करता था। उस वक्त उसकी नीतू से लगातार मोबाइल पर बात होती थी। दोनों ने कुछ ऐसे दोस्त बना लिए थे, जो एक-दूसरे की मोबाइल पर बात करा देते थे। इसी दौरान नीतू घर छोड़कर उससे मिलने हरिद्वार पहुंच गई थी। यह पता लगने पर कि नीतू जयपाल के पास है, दोनों परिवार वालों के बीच खूब विवाद हुआ था। नीतू के परिवार वालों ने धमकी दी थी कि उनकी लड़की लाकर दे दो, नहीं तो वह जयपाल को ढूंढ़कर मार डालेंगे। जयपाल की जान को खतरा देखकर उसके परिवार वाले भी डर गए थे। सूरजपाल हरिद्वार पहुंचे थे और नीतू को मनाकर अपने साथ लाए थे। बताते हैं कि उस दौरान सूरजपाल ने महेश से यह भी कहा था कि वह उसकी किसी और लड़के से शादी कर दें, जिससे दोनों का मिलना बंद हो जाए लेकिन महेश के परिवार वालों ने नीतू की शादी नहीं की।

राजमिस्त्री है नीतू का पिता

नीतू के पिता की आर्थिक स्थिति ज्यादा मजबूत नहीं है लेकिन जयपाल के परिवार के मुकाबले वह बेहतर था। उसके नाम करीब 10-12 बीघा जमीन है और वह राजमिस्त्री है। महेश के पिता रामऔतार खेतीबाड़ी देखते हैं। महेश के दो नाबालिग बेटे हैं जो इस वारदात में आरोपी हैं।

युवती का कछला और युवक का गांव में हुआ अंतिम संस्कार

बिल्सी। मंगलवार दोपहर बाद दोनों शवों के पोस्टमार्टम कराए गए। वहीं उनके परिवार वाले और रिश्तेदार पहुंच गए। बताते हैं कि नीतू के शव को उसके रिश्तेदार पोस्टमार्टम हाउस से ही कछला गंगा घाट ले गए। वहीं उसका अंतिम संस्कार किया गया जबकि जयपाल के शव को परिवार वाले अपने गांव ले गए और गांव में पुलिस की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार हुआ। संवाद

परौली गांव में इसी जगह पर हुई थी प्रेमी युगल की हत्या। संवाद

परौली गांव में इसी जगह पर हुई थी प्रेमी युगल की हत्या। संवाद

परौली गांव में इसी जगह पर हुई थी प्रेमी युगल की हत्या। संवाद

परौली गांव में इसी जगह पर हुई थी प्रेमी युगल की हत्या। संवाद


Connect News 24

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button