Budaun News: 19 जून तक रिपोर्ट सौंपेंगे नोडल अफसर, दुरुस्त कराएंगे व्यवस्था
बदायूं। बनकोटा और कुरखेड़ा गोशाला में गायों की मौत को लेकर डीएम मनोज कुमार ने कई विभागों के अधिकारियों को अलग-अलग गोशालाओं की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें 19 जून तक सभी गोशालाओं की जांच कर रिपोर्ट सौंपने और वहां की व्यवस्थाओं को सुधारने के आदेश दिए हैं। डीएम ने कहा है कि बावजूद इसके लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
वजीरगंज ब्लॉक क्षेत्र की बनकोटा और दातागंज क्षेत्र की कुरखेड़ा गोशाला में चार गायों की मौत हो गई थी। सबसे पहले बनकोटा का मामला सामने आया था। यहां चार केयरटेकर, एक पशु चिकित्सक और एक सचिव, ग्राम प्रधान के जिम्मेदार होने के बावजूद भूख प्यास से दो गायों की मौत हो गई थी, जबकि कई गायें भूख प्यास से कंकाल बनकर रह गईं थीं। इस मामले में जिन अधिकारियों या जिम्मेदारों की लापरवाही रही उनके खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। अभी ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई शेष है। इस तरह की लापरवाही दूसरी गोशालाओं में न हो। इसके लिए जिले की प्रत्येक गोशाला पर एक-एक नोडल अफसर बनाकर अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बताते हैं कि जिले में 243 गोशालाएं हैं। सभी गोशालाओं पर जल निगम, खाद सुरक्षा विभाग, लोक निर्माण विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, बाट माप, श्रम विभाग, शिक्षा विभाग, चकबंदी, अग्निशमन, मंडी समिति, नलकूप समेत कई विभागों के अधिकारियों को लगाया गया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वह 19 जून तक अपनी-अपनी गोशाला की जांचकर उसकी रिपोर्ट सौंपे और वहां की व्यवस्था सुधारें। अब संबंधित गोशाला के जिम्मेदार नोडल अफसर होंगे।
नोडल अफसर इन बिंदुओं पर करेंगे गोशाला का सत्यापन
जिले की प्रत्येक गोशाला पर तैनात किए गए नोडल अफसर कई बिंदुओं पर गोशाला का सत्यापन करेंगे। गोवंश आश्रय स्थल का नाम क्या है, उसकी श्रेणी क्या है, अक्षांश है या देशांतर है, प्रधान सचिव के मोबाइल नंबर, गोवंश की संख्या, शेड की संख्या, क्षमता, चरही उपलब्ध है या नहीं, पानी का स्रोत क्या है, पर्याप्त हैं या नहीं, नाद है या नहीं, भूसा कितना है, प्रकाश व्यवस्था व खड़ंजा आदि है या नहीं, गोरक्षक या चौकीदार कितने हैं, उनका भुगतान कैसे होता है, हरा चारा काटने की मशीन है या नहीं, हरे चारे का क्षेत्रफल कितना है, पौधरोपड़, वर्मी कंपोस्ट, ईयर टेगिंग, बधियाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण और स्वास्थ्य परीक्षण की स्थिति क्या है।
जिले में 243 गोशालाएं हैं। सभी गोशालाओं की एक-एक नोडल अफसर को जिम्मेदारी दी गई है। वह 19 जून तक अपनी-अपनी गोशालाओं की रिपोर्ट पेश करेंगे और वहां की व्यवस्थाओं को भी सुधारेंगे। – डॉ. निरंकार सिंह मलिक, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी



