निर्दयता : चाकू मारकर फोड़ दी आंख, जो भी बचाने आया उसे मारा
शाहजहांपुर। असिस्टेंट प्रोफेसर आलोक गुप्ता के मकान में घुसे बदमाशों ने निर्दयता की सारी हदें पार कर दीं। आलोक पर चाकू से वार कर उनकी आंख फोड़ दी। बचाने आए बच्चों समेत छह लोगों को घायल कर दिया। नौ माह में एक ही अंदाज में दूसरी हत्या की वारदात होने के बाद भड़के व्यापारियों ने हंगामा किया। आईजी डॉ. राकेश सिंह और एसपी अशोक मीणा का घेराव किया। आरोपी दूसरे समुदाय के होने के चलते पूरे दिन तनाव की स्थिति रहीं। शाम को शव आने पर हाईवे को जाम कर दिया गया।
व्यापारी सुधीर गुप्ता की मेन बाजार में तिरपाल व पॉलिथीन की दुकान है। उनके बड़े बेटे आलोक गुप्ता वर्ष 2018 से सन इंस्टीट्यूट के कंप्यूटर विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर थे। छोटे बेटे प्रशांत गुप्ता की रेडिमेड कपड़ों की दुकान है। आलोक, उनकी पत्नी खुशबू गुप्ता उर्फ सोनम और दो बच्चे मकान के अपने हिस्से में लेटे थे, जबकि प्रशांत दूसरे हिस्से में थे। मंगलवार तड़के करीब तीन बजे डकैती के इरादे से बदमाश दीवार फांदकर घर में घुसे। आहट सुनकर जागे आलोक ने ललकारा तो बदमाशों ने उस पर चाकुओं से हमला कर दिया।
बेरहमी से उनकी आंख को चाकू मारकर फोड़ दिया। इसके बाद चेहरे व शरीर पर कई वार किए, जिससे आलोक लहूलुहान होकर गिर पड़े। शोर-शराबा सुनकर बैठक में लेटे पिता सुधीर गुप्ता और भाई प्रशांत भी आ गए। बताते हैं कि प्रशांत ने एक बदमाश के सिर पर पटली उठाकर मार दी। इससे वह चोटिल हो गया। इसके बाद बदमाशों ने प्रशांत, उनकी पत्नी रुचि, सुधीर गुप्ता और दो बच्चों को चाकू मारकर घायल कर दिया। शोर सुनकर मोहल्ले के राकेश उर्फ शब्बू जाग गए।
सुधीर गुप्ता के दरवाजे पर पहुंचकर उनके शोर मचाने पर लोग इकट्ठा हो गए। इस बीच दीवार फांदकर भाग रहे एक बदमाश को लाेगों ने पकड़ लिया। उसकी पहचान मोहल्ला सराय निवासी रिक्शा चालक शाहबाज के रूप में हुई। कुछ देर में पुलिस भी आ गई और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने घायलों को सीएचसी पर भर्ती कराया, जहां से उन्हें बरेली रेफर किया।
पॉलिथीन लेकर आता-जाता था शाहबाज, बताया नाई का नाम
सुधीर गुप्ता की दुकान पर ई-रिक्शा चालक शाहबाज का आना-जाना था। वह तिरपाल व पॉलिथीन की खेप लेकर जाता था। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने कायस्थान मोहल्ला निवासी नाई शाहरोज का नाम भी बताया। पुलिस ने उसे भी दबोच लिया। शहरोज का सैलून कायस्थान में सपा नेता सरताज खां के मकान के बिल्कुल सामने है।
सपा नेता व आलोक की घटना में काफी समानता
23 जनवरी को सपा नेता सरताज खां की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। उनके घर से भी लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया गया था। हालांकि, पुलिस ने लूट की वारदात को नकार दिया था। लगभग इसी तरह आलोक गुप्ता की हत्या की गई।
दूसरे समुदाय के युवक का नाम आने पर भड़के लोग
घटना की सूचना मिलने के बाद एसपी देहात संजीव वाजपेयी, सीओ तिलहर प्रयांक जैन मौके पर पहुंच गए। उन्होंने फोरेंसिक टीम को बुलाने की बात कहते हुए किसी को अंदर जाने नहीं दिया। इस पर लोगों ने घटना को छिपाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इस बीच व्यापारियों के सामने शहरोज का नाम सामने आया। इस पर व्यापारियों ने आरोप लगाया कि सपा नेता की हत्या के बाद तीन बार शहरोज को पकड़ा गया था, लेकिन पुलिस ने उसे छोड़ दिया। तभी पुलिस के एक अधिकारी पर मुस्लिम नेता के दबाव में शहरोज को छोड़ने की बात सामने आने पर लोग भड़क गए। उन्होंने दूसरे समुदाय के युवक पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
आरोपियों का मकान ध्वस्त करने की मांग
हत्या के विरोध में व्यापारियों ने बाजार को बंद कर दिया। इस बीच आईजी डॉ. राकेश सिंह के आने पर व्यापारियों ने उनका घेराव कर दिया। मांग की गई कि जिस नेता के इशारे पर आरोपी को छोड़ा गया, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके बाद बाजार समेत शिक्षण संस्थाएं बंद रहीं। सुरक्षा की दृष्टि से जलालाबाद, जैतीपुर, गढि़या रंगीन, खुदागंज और तिलहर समेत कई थानों की पुलिस फोर्स बुला ली गई।
प्रापर्टी के विवाद पर पुलिस ने शुरू की जांच
सुधीर गुप्ता का किरायेदार से विवाद चल रहा था। पांच करोड़ रुपये के दुकान और मकान को सुधीर ने भाजपा नेता के हाथ 50 लाख में बेच दिया था। भाजपा नेता ने जमीन पर कब्जा कर लिया था। बताते हैं कि भाजपा नेता की ओर से दिया गया चेक बाउंस हो गया था। इसके चलते सुधीर गुप्ता लगातार उनसे अपने रुपये मांग रहे थे। पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है।
शव आने के बाद हाईवे पर लगाया जाम
शाम को आलोक गुप्ता का शव आने से पहले काफी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। करीब सात बजे लोगों ने जाम लगाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने किसी तरह लोगों को हाईवे से हटा दिया। रात करीब पौने आठ बजे भीड़ ने हाईवे जाम कर दिया। लोगाें ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। उनका कहना था कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे, शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। हाईवे जाम होने से वाहनों की लंबी कतारें लग गई। इसके बाद रूट डायवर्जन कर दूसरी ओर से वाहनों को निकाला गया है।