डेंगू : जांचें सुस्त, आंकड़े हो रहे दुरुस्त
रामपुर। जिले में डेंगू का आंकड़ा 650 के पार पहुंच चुका है। डेंगू से मरने वालों की संख्या भी सैकड़ों में है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों का रवैया लापरवाही भरा है। जिले में पांच सीएचसी, 36 पीएचसी और 216 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर सहित जिला मुख्यालय पर अस्पताल है। इसके बावजूद डेंगू के रोगियों की सैंपलिंग का दायरा 150 से 200 के बीच सिमट कर रह गया है। एक-एक स्वास्थ्य केंद्र से दिन में दो से तीन सैंपल ही जांच के लिए जिला अस्पताल भेजे जा रहे हैं। ऐसा नहीं है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर डेंगू के मरीज नहीं पहुंच रहे हैं, लेकिन आंकड़ों को दुरुस्त करने के चक्कर में स्वास्थ्य विभाग खेल करने में लगा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग उन्हीं रोगियों को डेंगू संक्रमित मानता है। जिनकी एलाइजा रिपोर्ट पॉजिटिव आती है। इसकी जांच की सुविधा केवल जिला अस्पताल में है। ऐसे में डेंगू के रोगियों के देहात में सीएचसी, पीएससी और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर से सैंपल एकत्रित कर जिला अस्पताल भेजे जाते हैं। बीते सप्ताह भर से जिले भर में लोगों की डेंगू की जांच का आंकड़ा 200 तक नहीं पहुंचा है। औसतन 150 से 180 लोगों की डेंगू की जांच की जा रही है। इनमें जिला अस्पताल की जांचों को हटा दें तो यह संख्या 80 से 100 के करीब रहती है। पांच सीएचसी और 36 पीएचसी को जोड़ दें तो यहां पर दो से तीन रोगियों के सैंपल ही प्रतिदिन जांच को जिला अस्पताल भेजे जा रहे हैं। इस बात की पुष्टि जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में आ रहे सैंपल के आंकड़े कर रहे हैं।
नियम यह है कि ओपीडी में पहुंच रहे बुखार के रोगियों में से हर रोज 30 फीसदी का कार्ड टेस्ट और 10 फीसदी रोगियों का एलाइजा टेस्ट होना चाहिए। मगर स्वास्थ्य केंद्रों पर यह आदेश महज कागजों पर सिमटा हुआ है। यही वजह है की अधिकांश लोगों की डेंगू की जांच नहीं हो पा रही है, जबकि निजी अस्पताल और क्लीनिकों पर डेंगू के मरीजों की भरमार है। कम जांच होने के चलते ही कम मामले सामने आ रहे हैं।
इनसेट
सीएससी-पीएससी पर होती है कार्ड से जांच
सीएचसी और पीएचसी पर डेंगू की एनएस-1 जांच की जाती है। इसमें पॉजिटिव आने पर रोगी का सैंपल एलाइजा जांच के लिए जिला अस्पताल को भेजा जाता है।
22 और डेंगू मरीज मिले
जिले में बृहस्पतिवार को डेंगू के 22 मामले आए हैं। इनमें नगरीय क्षेत्र में 12 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। चमरौआ और सैदनगर ब्लॉक में चार-चार और शाहबाद ब्लॉक में दो लोगों की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आई है। जिले में अब तक 653 मामले आ चुके हैं।
बोले जिम्मेदार
जिले में डेंगू और बुखार के रोगियों की लगातार जांच की जा रही है। सभी सीएचसी और पीएचसी पर ओपीडी में आने वाले बुखार के रोगियों की डेंगू की जांच की जा रही है। अगर कहीं से सैंपलिंग कम हो रही है तो इसको दिखवाया जाएगा।
डॉ. केके चहल, जिला मलेरिया अधिकारी।
पिछले सात दिनों में डेंगू के मामले
27 अक्टूबर 30
28 अक्टूबर 19
29 अक्टूबर 00
30 अक्टूबर 02
31 अक्टूबर 03
एक नवंबर शून्य
दो नवंबर 22
डेंगू से महिला की मौत के बाद कराया एंटी लार्वा का छिड़काव
स्वार। समोदिया गांव में डेंगू से हुई महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। एसीएमओ ओपी आर्य टीम के साथ गांव पहुंचे और मृतक के परिवार के सभी सदस्यों के ब्लड का नमूना लिया गया और जांच के लिए ज़िला अस्पताल भेजा गया है। इसके साथ ही गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव भी कराया गया। समोदिया गांव निवासी अशरफ अली की 35 वर्षीय पत्नी तरन्नुम को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी। बुधवार को उनकी मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार को एसीएमओ डॉक्टर ओपी आर्य एसीएमओ डॉक्टर सत्यमूर्ति तोमर और सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर देवेश चौधरी टीम के साथ समोदिया गांव पहुंचे। एसीएमओ ने लोगों को डेंगू से बचाव के लिए जागरूक किया।
बुखार से एक और महिला की मौत
सैदनगर। बुखार से एक और महिला की मौत हो गई। क्षेत्र में बुखार लगातार थम नहीं रहा है। अजीमनगर थाना क्षेत्र खौद निवासी 30 साल की बानो पत्नी हामिद अली को कई दिन से बुखार आ रहा है। बुधवार को उनकी मौत हो गई। उनका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। गांव में बुखार से तमाम लोग पीड़ित हैं।


