दिवाली आज : मिटेगा अंधियारा, हर कोने में होगा उजियारा

शहर में दीपावली पर्व के लिए सजी एक गेंदे के फूल की दुकान पर फूल खरीदते लोग ।संवाद
पीलीभीत। दीपावली पर इस बार रविवार को 2:18 बजे अमावस्या लग रही है। घरों पर पूजा के लिए शाम 7:38 बजे तक का मुहूर्त शुभ है।
मान्यता है कि मां लक्ष्मी भगवान विष्णु के साथ कार्तिक अमावस्या की रात में विचरण करती हैं। ऐसे में मां लक्ष्मी से सुख-समृद्धि पाने के लिए घरों में रंगोली बनाकर शुभ मुहूर्त में उनकी पूजा की जाती है। रविवार को होने वाली पूजा अर्चना के लिए घरों व प्रतिष्ठानों में तैयारियां हो चुकी हैं। महंत ओमकार नाथ शर्मा ने बताया कि रविवार को दोपहर 2:18 बजे तक चतुर्दशी रहेगी। दोपहर 2:18 बजे के पश्चात अमावस्या लग जाएगी।
दीपावली के पर्व का रात्रि में ही महत्व माना जाता है। अत: दीपावली का पर्व 12 नवंबर की रात में मनाया जाएगा। इस दिन पूजन का समय स्थिर वृष लग्न में 5: 46 बजे से 7:38 बजे तक है। वहीं व्यापारिक दृष्टिकोण से सिंह लग्न में रात्रि 12:15 बजे से 2:27 बजे तक प्रतिष्ठानों पर पूजन का शुभ मुहूर्त रहेगा। इस दिन रात्रि में लक्ष्मी पूजन का बहुत महत्व माना जाता है।
पान, सुपारी, नारियल से करें मां लक्ष्मी की पूजा
महंत ओमकार नाथ ने बताया कि दीपावली के दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि से निवृत हो जाएं और साफ-स्वच्छ वस्त्र पहनें। शाम के समय मंदिर के पास एक छोटी चौकी रखकर उसके ऊपर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं। अब गणेश और लक्ष्मी जी की प्रतिमा स्थापित करें। ध्यान रहे कि उनका मुख पूर्व या पश्चिम दिशा में ही होना चाहिए। इसके बाद प्रतिमा के सामने कलश स्थापित करें और उस पर नारियल रख दें। लक्ष्मी-गणेश जी के समक्ष दो बड़े दीपक प्रज्ज्वलित करें। एक छोटी थाली में चावल के दानों का एक छोटा सा पहाड़ बनाएं। पूजा के दौरान लक्ष्मी-गणेश को नारियल, सुपारी, पान का पत्ता अर्पित करें। देवी की मूर्ति के सामने कुछ फूल एवं सिक्के रख दीजिए। अंत में पूरे परिवार के साथ माता लक्ष्मी और गणेश जी की आरती करें।

शहर में दीपावली पर्व के लिए सजी एक गेंदे के फूल की दुकान पर फूल खरीदते लोग ।संवाद

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