रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन काशी-मथुरा में भी मंदिर बनने की करें प्रार्थना : डॉ. प्रवीण तोगड़िया
बरेली। अयोध्या में 450 वर्षों के संघर्ष के बाद रामलला का मंदिर बना है। वर्ष 1979 में आठ करोड़ लोगों से सवा-सवा रुपया एकत्र किए गए थे। उसी पैसे से पत्थर खरीदे गए हैं। सबके लिए यह गौरव की बात है। जिस दिन रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी, उस दिन प्रार्थना करें कि काशी, मथुरा में मंदिर और जनसंख्या नियंत्रण कानून भी जल्द बने। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने रविवार को राजेंद्रनगर निवासी रविंद्र अग्रवाल के निवास पर आयोजित प्रेसवार्ता में ये बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि संगठन हिंदू समाज को समृद्ध और सुरक्षित बनाने के प्रयास में जुटा है। आगामी दिनों में हनुमान चालीसा पाठ के जरिये हिंदुओं को जोड़ने की योजना है। हरिद्वार में एक से तीन दिसंबर तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन में देशभर से हजारों लोग शामिल होंगे। गांव और शहर के लोगों की सुरक्षा, सेवा, समृद्धि, स्वास्थ्य और प्रगति की योजना बनाई जाएगी। इसमें गरीब हिंदुओं को मुफ्त अनाज, प्राइवेट डॉक्टर्स से उनका इलाज, बच्चों को आगे बढ़ाने के साथ ही महिलाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि फोन में परिवार के सदस्यों का ग्रुप बनाएं, ताकि आपात स्थिति में सहायता मिल सके। बेटियों को डांटे नहीं, उनका साथ दें। युवाओं को पढ़ाई व रोजगार के बीच धर्म से कैसे जोड़ें, इस सवाल पर डॉ. तोगड़िया ने कहा कि घर में पूजा करें। एक दिया जला रहा है तो दूसरे घंटी बजाकर साथ में खड़े रहें।
इससे पहले रविवार सुबह डॉ. तोगड़िया के शहर पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने फूल मालाओं से उनका स्वागत किया। राजेंद्रनगर में आधे घंटे तक कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद उन्होंने स्टेडियम रोड स्थित रेजीडेंसी गार्डन में सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर मेरे जीवन की यात्रा का एक पड़ाव था। मूल लक्ष्य अब भी बाकी है, क्योंकि सैकड़ों वर्ष पहले दुनिया में अन्य धर्म नहीं थे। तब हर जगह हिंदू ही थे। उनका कत्ल हुआ, क्योंकि उन्होंने धर्म परिवर्तन करना मंजूर नहीं किया। इसके बाद वह सीबीगंज होते हुए आंवला चले गए। इस दौरान शोभित सक्सेना, रोहित गंगवार, सोनी सक्सेना, शशि अग्रवाल उपस्थित रहे।
अंतरराष्ट्रीय हिंदू महिला परिषद की प्रांत अध्यक्ष सौमिल अग्रवाल ने बताया कि संगठन की ओर से महिलाओं और लड़कियों को लव जिहाद से बचने व सोशल मीडिया पर सावधानी बरतने से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ग्रुप बनाकर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाएगा, ताकि सभी तक संदेश पहुंच सके। स्कूलों और कॉलेजों में भी महिला मोर्चा की कार्यकर्ता छात्राओं को जागरूक करेंगे।



