एक ही परिवार में चार मौतें: सास-बहू की जली चिता, दफनाए गए मासूम; 22 जून को थी जितेंद्र की शादी की सालगिरह

परिवार के चार लोगों की मौत
– फोटो : अमर उजाला
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मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर शनिवार को हुए हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से अर्सिस बर्खिन गांव में दुख का माहौल है। गांव के हर व्यक्ति की आंख नम है। रविवार को हादसे का शिकार हुए दोनों को बच्चों को दफन करने के साथ सास-बहू का अंतिम संस्कार किया गया।
हादसा शनिवार रात करीब दस बजे हुआ था। उस वक्त शिक्षक पीतांबर का परिवार चंदौसी से एक शादी समारोह के महिला संगीत कार्यक्रम से घर लौट रहा था। कार पीतांबर के छोटे भाई जितेंद्र चला रहे थे। उसमें पीतांबर की मां सूरजश्री (65), बेटे अरनव (6), बेटी शिवान्या (4), पत्नी नीतल उर्फ नीतू (33), बड़े भाई पुष्पेंद्र उर्फ टीटू के बेटे हर्ष (11) और जितेंद्र की पत्नी शशि (26) बैठीं थीं।
रास्ते में हाईवे पर ग्राम दहेमी के पराग दुग्ध फैक्टरी के नजदीक उनकी कार एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से पीछे से टकरा गई थी, जिसमें सूरजश्री, अरनव, हर्ष और शशि की जान चली गई थी। शनिवार रात पुलिस ने चारों शव जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिए थे।
सास, बहू की जली चिता, दफन किए गए मासूम
शनिवार दोपहर तक शवों के पोस्टमार्टम कराए गए। शाम करीब चार बजे चारों शव अर्सिस बर्खिन गांव पहुंचे। इससे पहले उनके घर पर लोगों की भीड़ लग गई। जैसे ही चारों शव घर पहुंचे कि परिवार के लोग उनसे लिपटकर रोने लगे। उनकी हालत देखकर गांव के लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। शाम करीब पांच बजे दोनों बच्चों के शव गांव के तालाब किनारे दफन किए गए। देर शाम सास सूरजश्री और बहू शशि के शवों का भी गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।



