बदायूं में बाढ़: खतरे के निशाने से ऊपर बह रही गंगा, कई गांव बने टापू, सड़कें कटीं; रामगंगा में भी उफान

बाढ़ के कारण ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ीं
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नरौरा से गंगा में दो दिन से दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में गंगा किनारे बसे ग्रामीणों घबराए हुए हैं। बदायूं जिले में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 0.80 मीटर ऊपर है। बाढ़ का पानी लगातार गांवों की ओर बढ़ रहा है। रविवार को कादरचौक क्षेत्र के कई गांवों में पानी घुस गया और मुख्य सड़क को काट दिया। इधर, रामगंगा के उफनाने से दातागंज के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
बाढ़ के कारण सहसवान क्षेत्र के लोगों ने गांव को छोड़कर तटबंध पर शरण लेना शुरू कर दिया है। कादरचौक में भी गनियाई, जैतपुर पुख्ता, तेलिया नगला, पचौरी नगला समेत कई गांवों में पानी घुस गया है। इससे करीब पांच हजार की आबादी प्रभावित है। रामगंगा का जलस्तर बढ़कर 160.150 हो गया। ऐसे में रविवार को सकतपुर, सिमरिया, जरतौली, मौसमपुर आदि गांव में बाढ़ का पानी घुस गया।
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प्रशासन ने बांटे तिरपाल
सहसवान क्षेत्र में तटबंध पर रहने वाले खागी नगला के ग्रामीणों को प्रशास ने तिरपाल बांटीं। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय सिठौलिया पुख्ता में लोगाें के रहने का इंतजाम किया है। हालांकि विद्यालय में कोई भी ग्रामीण शरण लेने के लिए नहीं पहुंचा है। प्रशासन के अनुसार एक से दो दिनों में वीर सहाय नगला के लोगों को भी तिरपाल बांटी जाएंगे।