सौहार्द की शहनाई: समयुन खान ने किया तान्या का कन्यादान, पेश की हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल

तान्या और उसके परिवार के साथ समयुन खान
– फोटो : अमर उजाला
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मशहूर शायर बशीर बद्र का शेर है कि सात संदूकों में भर कर दफ्न कर दो नफरतें… आज इंसां को मोहब्बत की जरूरत है बहुत। यह शेर रविवार को बरेली के सुभाष नगर की पाल कॉलोनी में मूर्त रूप लेता दिखाई दिया। यहां एक गरीब हिंदू परिवार की बेटी तान्या का कन्यादान मुस्लिम समाज की समयुन खान ने किया।
भाईचारा किसी भी प्रगतिशील समाज की मूलभूत जरूरत है। मगर समाज अलग-अलग धर्मों और जातियों में बंटा है। समस्या यह है कि कई बार यह बंटवारा कड़वाहटों की वजह भी बनता है। ऐसे में जरूरत होती है कई मौकों पर सौहार्द की मिसाल कायम करने की। रविवार को ऐसी की एक सौहार्द की शहनाई सुभाष नगर पाल कॉलोनी में बजी। यहां तान्या की बरात लखीमपुर से आ आई। दूल्हा बने प्रेम सागर। मगर स्वागत और कन्यादान के लिए समयुन खान खड़ी थीं।
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समयुन ने तान्या के माता-पिता के साथ बरात का स्वागत किया। वरमाला के दौरान मौजूद रहीं और जब कन्यादान का समय आया तो पिता ने समयुन से कहा कि बेटी की शादी तो आपने कराई है। यह अधिकार भी मैं आपको देता हूं। ऐसे में समयुन खान ने तान्या का कन्यादान भी हिंदू रीति रिवाजों के साथ किया। पूरे मोहल्ले ने इस प्रयास की सराहना करते हुए नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया।



