बरेली में कांवड़ियों पर लाठीचार्ज: महिलाओं ने दिखाए घाव, बताई बर्बरता की पूरी कहानी; दर्द बताने से भी डर रहे

Lathi charge on kanwariyas
– फोटो : अमर उजाला
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बरेली में कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस ने जबरदस्त लाठीचार्ज करके लोगों को मौके से खदेड़ दिया। इस दौरान महिलाओं को भी निशाना बनाया गया। घायल महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें घर में घुसकर पीटा गया।
चक महमूद में लाठीचार्ज के बाद गलियों में महिलाओं के समूह भी मौजूद थे। यहां घरों में भी चीख-पुकार मच रही थी। गीता श्रीवास्तव ने अपने शरीर पर लगी चोटें दिखाते हुए बताया कि वह घर पर थीं। घर में घुसकर पुलिसकर्मियों ने उन्हें और उनके पति वेदप्रकाश को पीटा।
बगल के घर में रागिनी और उनकी मां सरस्वती शर्मा भी निकलकर आईं। इन लोगों ने पीठ और हाथ पर लगी चोटें दिखाईं। बताया कि एक महिला का हाथ भी टूट गया है। वह लोग दरवाजे पर खड़ी थीं। उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया गया। उनका घटना से कोई लेना-देना नहीं था।
एक युवक ने बताया कि वह बच्चे की दवा लेने जा रहा था। उनकी भी पिटाई की गई। एक कांवड़िये ने कहा कि उनका कसूर सिर्फ इतना है कि वे यात्रा में शामिल थे। पुलिस ने यह भी नहीं देखा कि किसे मार रहे हैं। कई सारे कांवड़ियों को चोटें आई हैं। वे डर की वजह से अपना दर्द बताने आगे नहीं आ रहे।



