भगवान की भक्ति में अपार शक्ति : ज्योतिर्मयानंद
बरेली। आनंद आश्रम केे 64वें वार्षिक महोत्सव व संत समागम में दूसरे दिन बृहस्पतिवार को संत और विद्वानों ने प्रवचन किए। आनंद आश्रम के अध्यक्ष स्वामी ज्योतिर्मयानंद सरस्वती ने कहा कि भगवान की भक्ति में अपार शक्ति है। हमें अपने कर्तव्यों के निर्वाह करने के बाद ईश्वर की भक्ति करनी चाहिए।
कनखल हरिद्वार से पधारे महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती ने प्रभु का भजन सुनाया। उरई जालौन से आईं मिथिलेश्वरी ने राम कथा में सीता और राम के प्रेम का वर्णन किया। स्वामी विज्ञानानंद ने कहा कि माया और भक्ति का निरूपण ही महत्वपूर्ण है। हरिद्वार से आए स्वामी अच्छानंद महाराज ने कहा कि हम संसार की मोह-माया से तभी मुक्ति पा सकते हैं, जब निरंतर परमात्मा का भजन करते हैं। कार्यक्रम में आश्रम प्रबंधन समिति के नरसिंह मोदी, पंकज अग्रवाल, प्रेम शंकर अग्रवाल आनंद का सहयोग रहा। संवाद



