Budaun News: चौक पर प्रतिमा लगाने को लेकर क्षत्रिय-मौर्य समाज आमने-सामने

उझानी बाईपास पर क्षत्रिय महासभा के जिला उपाध्यक्ष से वार्ता करते सीओ शक्ति सिंह। संवाद
अशोक महान सेवा समिति ने दावा ठोका, क्षत्रिय महासभा ने भी किया आरपार का एलान
संवाद न्यूज एजेंसी
उझानी (बदायूं)। बरी वाले बाईपास पर अपने-अपने महापुरुष के नाम से चौक निर्माण कराने को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप क्षत्रिय महासभा और मौर्य समाज से जुड़ी अशोक महान सेवा समिति आमने-सामने आ गईं हैं। मंगलवार को तथागत पंचशील परिवर्तन चौक के लिए सड़क पर निशान लगाया गया तो इसकी भनक लगने पर देर शाम क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों ने महाराणा प्रताप चौक के नाम से सड़क पर डिवाइडर के सामने बोर्ड लगा दिया।
बुधवार को सुबह से ही मौके पर क्षत्रिय महासभा के कार्यकर्ता डटे रहे। क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के तेवर देख कोतवाली पुलिस ने बरी वाले बाईपास पर फोर्स तैनात कर दिया। कोतवाली प्रभारी धर्मपाल सिंह और क्षत्रिय महासभा के जिला उपाध्यक्ष अमित प्रताप सिंह के बीच बातचीत भी हुई। इसके बाद मौके पर पहुंचे सीओ शक्ति सिंह ने महासभा के पदाधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाकर शांत रहने की सलाह दी। एसडीएम सदर एसपी वर्मा ने महासभा के अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह से उनका पक्ष जाना।
महासभा के पदाधिकारियों ने अफसरों से साफ कह दिया कि महाराणा प्रताप चौक से कम उन्हें कुछ और मंजूर नहीं होगा। इससे पहले क्षत्रिय महासभा के कार्यकर्ताओं ने बाईपास पर नारेबाजी भी की। हंगामा होने लगा तो पुलिस ने उन्हें कानून-व्यवस्था का हवाला देकर शांत करा दिया।
बताते हैं कि मंगलवार पूर्वाह्न मौर्य-शाक्य समाज की ओर से अशोक महान सेवा समिति ने चौक का निर्माण तथागत पंचशील परिवर्तन चौक कराने की मांग करते हुए पेट्रोल पंप के ठीक सामने निशान लगा दिया था। इसके बाद देर रात महाराणा प्रताप चौक के नाम से क्षत्रिय महासभा का बोर्ड लगा दिया गया। क्षत्रिय महासभा की ओर से पूर्व राज्यमंत्री विमलकृष्ण अग्रवाल को ज्ञापन भी दिया गया। ज्ञापन में महाराणा प्रताप चौक निर्माण कराने की मांग की गई।
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वायरल हो रहा पीडब्ल्यूडी से अनुमति का पत्र
बरी वाले बाईपास पर तथागत पंचशील परिवर्तन चौक की अनुमति से जुड़ा एक पत्र मंगलवार शाम से ही वायरल हो रहा है। लोक निर्माण विभाग में निर्माण खंड- दो के अधिशासी अभियंता के आदेश का जो पत्र वायरल हुआ है, उसमें कहा गया है कि अशोक महान सेवा समिति को चौक के सौंदर्यीकरण की सशर्त अनुमति प्रदान की जाती है। दिसंबर-22 में जारी वायरल पत्र में साफ किया गया है कि चौक पर स्वामित्व लोक निर्माण विभाग बदायूं का ही रहेगा। इसके अलावा जो दूसरा पत्र वायरल हुआ है, उसमें अशोक महान सेवा समिति के पदाधिकारी चंदगीराम और नेत्रपाल सिंह कुशवाहा की ओर से नौ जून को पालिका अध्यक्ष से बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पास कर निर्माण कार्य शुरू कराने पर जोर दिया गया है।
महासभा का दावा- तत्कालीन डीएम ने की चौक की घोषणा
क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष ओमप्रकाश चौहान, अमित प्रताप सिंह और रानी सिंह पुंडीर की ओर से बुधवार को डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर को दिया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि तत्कालीन डीएम कुमार प्रशांत ने उस वक्त सिडको के अध्यक्ष रहे केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा की मौजूदगी में महाराणा प्रताप चौक के नाम से सौंदर्यीकरण कराने की घोषणा की थी। उसी के अनुरूप चौक का निर्माण कराया जाए।
बाईपास पर तथागत पंचशील परिवर्तन चौक निर्माण को लेकर पीडब्लयूडी से एनओसी प्राप्त की जा चुकी है। आगे की कार्रवाई नगर पालिका को करनी है। पालिका को चौक के सौंदर्यीकरण कराने के लिए प्रस्ताव पास कर देना चाहिए।
– चंदगीराम, अध्यक्ष, अशोक सम्राट संस्कृति विकास समिति
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महाराणा प्रताप के नाम से बाईपास पर चौक का निर्माण कराने के लिए करीब तीन साल से कवायद चल रही है। तत्कालीन डीएम निरीक्षण के दौरान उन्हें विश्वास भी दिला चुके हैं। अब, किसी को भी अड़ंगेबाजी नहीं करनी चाहिए।
– अमित प्रताप सिंह, जिला उपाध्यक्ष, क्षत्रिय महासभा

उझानी बाईपास पर क्षत्रिय महासभा के जिला उपाध्यक्ष से वार्ता करते सीओ शक्ति सिंह। संवाद