मकसूदापुर चीनी मिल: पिछला दे नहीं पाए, इस साल का भी हो गया बकाया
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Wed, 22 Nov 2023 01:12 AM IST

तिलहर किसान चीनी मिल में वेब स्क्रबर मशीन लगाने का काम करते मजदूर। स्रोत संवाद
शाहजहांपुर। निगोही, रोजा, मकसूदापुर और पुवायां चीनी मिल में पेराई सत्र शुरू हो चुका है। रोजा और निगोही चीनी मिलों ने इस सत्र में किसानों का 14 दिनों के अंदर भुगतान कर दिया है। वहीं मकसूदापुर चीनी मिल पर पिछले सत्र का 47 करोड़ 94 लाख रुपये बकाया है। इस सत्र का अब तक 21 करोड़ 96 लाख रुपये बकाया हो चुका है। तिलहर चीनी मिल 24 नवंबर से शुरू होगी।
सबसे पहले तीन नवंबर को निगोही चीनी मिल का पेराई सत्र शुरू हुआ। निगोही चीनी मिल ने 17 नवंबर तक का किसानों का 21 करोड़ 94 लाख रुपये भुगतान कर दिया है। निगोही चीनी मिल में अभी तक 14,71,000 क्विंटल की गन्ने की पेराई हो चुकी है। पेराई का लक्ष्य एक करोड़ 65 क्विंटल रखा गया है। रोजा चीनी मिल का पेराई सत्र पांच नवंबर को शुरू हुआ था। रोजा चीनी मिल ने भी 17 नवंबर तक का किसानों का सात करोड़ 30 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है। मकसूदापुर चीनी मिल का पिछले सत्र का 47 करोड़ 94 लाख रुपये और इस सत्र का 21 करोड़ 96 लाख रुपये बकाया है। मिलों के अलावा जिले में गन्ना खरीद के लिए 162 क्रय केंद्र चल रहे हैं। पुवायां चीनी मिल में पेराई सत्र सोमवार से शुरू हो गया है।
हरदोई मार्ग पर लगा जाम
रौसर कोठी स्थित रोजा चीनी मिल को गन्ना लेकर आ रहे किसानों को काफी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। एक गन्ने की ट्रॉली तुलवाने में दो दिन का कम से कम समय लग रहा है। रोजा चीनी मिल में गन्ना लेकर आने ट्रैक्टर-ट्राॅलियों की लाइन पांच किमी तक लगी हुई है। कुछ किसान जबरदस्ती चलती हुई बीच लाइन में अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली घुसा देते हैं। रोजा चीनी मिल के गन्ना प्रबंधक बृजेश शर्मा ने बताया बॉयलर के पंखे की सॉफ्ट टूट जाने के कारण गन्ने की पेराई कम हो पा रही है। इसकी वजह से ट्रॉलियों की संख्या बढ़ गई है। मंगलवार को इंडेंट भी नहीं कटा है। संभावना है कि देर रात तक गन्ने की ट्रॉलियों का जाम खत्म हो जाएगा।

