बहादुरी की मिसाल हैं मुसाकिर: आठ वर्षों में 50 से अधिक लोगों की बचाई जान, बोले- मां गंगा देती हैं मेरा साथ

हेड मल्लाह मुसाकिर
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बदायूं में मिनी कुंभ कह जाने वाले ककोड़ा मेला में आए लोगों को नदी की गहराई का अंदाजा नहीं होता। ऐसे में कुछ लोग गलती से गहरे पानी के अंदर चले जाते हैं, जिससे उनकी जान खतरे में पड़ जाती है। लेकिन यहां हेड मल्लाह मुसाकिर नदी में नहाते लोगों पर पूरी निगाहें बनाकर रखते हैं। उनका दावा है कि वह आठ वर्षों में 50 से अधिक लोगों की जान बचा चुके हैं।
रुहेलखंड के मिनी कुंभ के नाम से जाने वाला ककोड़ा मेला बदायूं के कादरचौक थाना क्षेत्र में गंगा किनारे लगता है। इस मेले में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। मेला कई दिनों तक चलता है। इसमें आसपास के जिलों के अलावा अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु पूरे परिवार के साथ आते हैं। साथ ही संत महात्मा भी यहीं पर अपना डेरा डालकर कई दिनों तक रहते हैं।
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मुसाकिर के साथ काम करते हैं 30 मल्लाह
ऐसे में यहां पर पुलिस-प्रशासन के साथ-साथ कादरबाड़ी के रहने वाले हेड मल्लाह मुसाकिर का काम बढ़ जाता है, क्योंकि वह क्षेत्र के काफी अच्छे जानकार हैं। उनके साथ में 30 मल्लाह काम करते हैं, जो मिनी कुंभ में चप्पे-चप्पे पर नजर रखते हैं।



