‘मेरे पति ने इंसानियत की कीमत चुकाई’: बस नमाज प्रकरण में बर्खास्त परिचालक की आत्महत्या पर छलका पत्नी का दर्द

परिचालक मोहित यादव की पत्नी रिंकी
– फोटो : सोशल मीडिया
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यूपी रोडवेज की जनरथ बस रोककर सवारियों को नमाज पढ़वाने के आरोप में बर्खास्तगी के बाद खुदकुशी करने वाले संविदा परिचालक मोहित यादव की पत्नी रिंकी ने बरेली रीजन के आरएम दीपक चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
रिंका ने कहा कि आरएम पति को रोज बरेली बुलाते थे, लेकिन उनका पक्ष नहीं सुना। बिना उनका पक्ष सुने ही संविदा समाप्त कर दी गई थी। इसी अवसाद में उन्होंने खुदकुशी कर ली। उन्होंने कहा कि उनके पति ने इंसानियत की कीमत चुकाई है। मूलरूप से मैनपुरी के थाना घिरोर के गांव नगला खुशाली निवासी मोहित यादव बरेली डिपो में संविदा परिचालक थे।
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बरेली से दिल्ली जा रही जनरथ बस को हाईवे पर रोक कर सवारियों को नमाज पढ़वाने के आरोप में उनकी संविदा समाप्त कर दी गई थी। अवसाद और आर्थिक तंगी की वजह से मोहित ने सोमवार को ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी कर ली थी। मोहित घर में सबसे बड़े थे। वही पूरा परिवार चलाते थे।



