यात्री का ट्वीट: नाम की सुपरफास्ट, किराया ज्यादा, सर्विस घटिया; रेलवे का जवाब- असुविधा के लिए खेद है

यात्री ने ट्वीट पर कसा तंज
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ट्रेनों में भीड़ और लेटलतीफी की कंट्रोल रूम में लगातार शिकायतें आ रही हैं। शिकायतों पर डीआरएम ऑफिस की ओर से आश्वासन भी दिया जा रहा है, लेकिन यात्रियों की समस्या खत्म नहीं हो रही। रोजाना मुरादाबाद-लखनऊ रेल खंड में ही 40 से 50 शिकायतें अलग-अलग माध्यमों से दर्ज कराई जा रही हैं। ट्विटर और रेल मदद पर शिकायतों की झड़ी लग रही है।
अप्रैल के पहले सप्ताह से मई के अंतिम सप्ताह तक ट्रेनों के संचालन का बुरा हाल रहा। दो महीने में 10 मेगा ब्लॉक के दौरान 120 से ज्यादा ट्रेनें निरस्त रहीं। बड़ी संख्या में ट्रेनों को रूट और समय बदल कर भी चलाया गया। समर सीजन में इससे यात्रियों के सामने संकट बना रहा।
28 मई को 6:30 घंटे के मेगा ब्लॉक के बाद ट्रेनों का संचालन कुछ हद तक सामान्य हुआ है, लेकिन यात्रियों की भीड़ बढ़ने के कारण कोचों में क्षमता से तीन-चार गुना ज्यादा यात्री सफर कर रहे हैं। रेलवे अधिकारिक रूप से आरक्षित श्रेणी के 78 सीट के कोच में आरक्षित 78 और 200 वेटिंग टिकट जारी कर रहा है। ऐसे में ट्रेनों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।



